पेट्रोल और डीजल के बढ़े दामों का असर जरूरत की हर सामान पर पड़ रहा है। त्योहारी सीजन में लोगों पर महंगाई की मार भारी पड़ रही है। सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का जायका बिगड़ गया है। इसके अलावा अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है।
पर्यटन नगरी मसूरी में पेट्रोल 103 रुपये 18 पैसे और डीजल 96 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर पहुंच गया है। इसका असर खाद्य सामग्री के साथ सब्जियों पर देखने को मिल रहा। शहर में फूल गोभी 60 रुपये प्रति किलो, प्याज 50, टमाटर 80 रुपये, मटर 120, बीन 60, शिमला मिर्च 120, करेला 60, लहसुन 150, अदरक 100, हरा धनिया 120, पालक 80, गाजर 60, ब्रोकली 200 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं सरसों का 190, रिफाइंड 155, आटा 28, चावल मोटा 32 से प्रति किलो से शुरू और कच्ची बासमती 100 रुपये प्रति किलो, चीनी 42 रुपये किलो में मिल रहा है।
लंढौर के दुकानदार रमेश पंवार ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने से खाद्य तेलों और खाद्य सामग्री पर भी असर पड़ा है। सामान का भाड़ा बढ़ने से सामान के रेट बढ़ने लाजमी हैं। गृहिणी रेखा कहती है कि त्योहार नजदीक है, लेकिन महंगाई लगातार बढ़ रही। फल, सब्जियों के रेट बढ़ने से रसोई का बजट लगातार बिगड़ रहा है। गृहिणी सुषमा ने कहा कि एक तो लोग कोरोना की मार से परेशान हैं। वहीं लगातार महंगाई ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।