हरिद्वार में मेडिकल जांच में बालिग होने की पुष्टि के बाद युवती को उसके पति के हवाले कर दिया गया गया। इससे पहले युवती के पिता ने नाबालिग बताते हुए अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कस्बा क्षेत्र के रहने वाले एक ग्रामीण ने 18 दिसंबर को बेटी को नाबालिग बताते हुए अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही कस्बे के ही एक युवक पर अपहरण का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने सुल्तानपुर से युवती को बरामद कर लिया था।
उम्र के पेंच हटा तो मिले दोनों
हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे होने के कारण अपहरणकर्ता बताए गए युवक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। वहीं उम्र को लेकर पेच फंसने पर पुलिस ने युवती को नारी निकेतन देहरादून भेज दिया था।
इस पर पति ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर स्थानीय पुलिस हरकत में आई और नाबालिग बताई जा रही युवती का चिकित्सकों के पैनल से मेडिकल कराया। जांच में उसके बालिग होने की पुष्टि हुई।
किया पति के सुपुर्द
एसआई मनीष नेगी ने बताया कि बालिग होने की पुष्टि होने पर युवती को नारी निकेतन देहरादून से लाकर पति के सुपुर्द कर दिया गया है।