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रेल बजट के लिए स्विट्जरलैंड के रूप में हो रही मार्केटिंग

Sun, 22 Feb 2015 04:54 PM IST
अनूप वाजपेयी/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रेल बजट में उत्तराखंड को विशेष महत्व दिलवाने के लिए इसकी मार्केटिंग पूर्व के स्विट्जरलैंड के तौर पर की है।
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पत्र में सीएम ने उठाए 22 बिंदुओं
उन्होंने राज्य को केंद्र की बदली सरकार के फार्मूले से अलग रखकर आर्थिक मानदंड प्रक्रिया से मुक्त रखने की बात कही है। सीएम ने रेल परियोजनाओं के व्यय में राज्य के अंशदान देने असमर्थता जताई है। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को लिखे पत्र में सीएम ने 22 बिंदुओं को उठाया है।

रेल मंत्री को भेजे पत्र में सीएम ने पर्यटन और तीर्थ स्थानों के साथ पड़ोसी देश चीन के अपनी सीमाओं में रेल, सड़क और हवाई मार्गो के विकास का तर्क भी रखा है। उनका कहना है कि विशेष श्रेणी के राज्य का पर्यटन में अहम योगदान है।
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उन्होंने तर्क दिया कि जिस तरह रेल मंत्रालय ने कौंकण रेलवे और जम्मू-कश्मीर में ऊधमपुर-कटरा के लिए रेल सुविधाएं देकर कीर्तिमान स्थापित किया है उसी तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों व तीर्थयात्रियों के रेल सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।

रेल मंत्रालय से मुख्य रेलगाड़ियों में पुरानी और क्षतिग्रस्त बोगियां हटाकर पर्यटन और स्वच्छता का विशेष ध्यान देने की मांग की है। देहरादून और काठगोदाम से लखनऊ, वाराणसी और इलाहाबाद के लिए एक तेज रफ्तार रेलगाड़ी की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि दिल्ली से कोटद्वार जाने के लिए वाया नजीबाबाद रेल मार्ग निर्धारित किया जाए तो यात्रा समय में बचत होगी। रेल मंत्री से हिमाचल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देहरादून, रामनगर, काठगोदा, टनकपुर रेल मार्गों को एक पर्यटक सर्किट के प्रस्ताव पर विचार करने को कहा गया है।

रेल मंत्री से नई-पुरानी मांगे
: रामनगर-चौखुटिया रेल मार्ग की मांग ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताकर की गई है। चौखुटिया गैरसैंण के करीब है।
: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग में भूमि हस्तातंरण अंतिम चरण में है। इस रेल मार्ग को भी सामरिक महत्व के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
:  राष्ट्रीय परियोजना के तहत स्वीकृत टनकपुर-बागेश्वर रेल को भी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया है।
: लंबित किच्छा- खटीमा रेल लाइन में तेजी लाने की मांग की है। इसी प्रकार देवबंद-रुड़की रेल मार्ग में भूमि हस्तातंरण लगभग पूरा हो चुका है इसमें तेजी लाने की मांग की है।
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: सहारनपुर- विकासनगर-देहरादून नए रेल मार्ग की मांग बढ़ती शहरी आबादी और परिवहन व्यवस्था से जोड़कर की गई है।
: ऋषिकेश-डोईवाला जिसका अनुमोदन 2013-14 में किया गया है। सर्वे भी हो  चुका है इसमें तेजी लाने की मांग की है।
: 2013-14 के रेल बजट में हरिद्वार-कोटद्वार- रामनगर डायरेक्ट लिंक बनाने की घोषणा हुई थी। इस रेल मार्ग से राज्य के बड़े इलाकेके लोगों को लाभ होगा।
: रुड़की- पिरान कलियर देहरादून-पुरौला, और टनकपुर जौलजीबी की नई रेल लाइनों की घोषणा भी पूर्व में हुई है इन रेल लाइनों पर भी तत्काल कार्यवाई की मांग की गई है।
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