भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने संभल से सपा सांसद डॉ. शफीकुर्र रहमान के खिलाफ राष्ट्रदोह की कार्रवाई करने की मांग की है। भूमा पीठाधीश्वर ने कहा कि सांसद ने अफगानिस्तान में तालिबान के आतंकियों के कत्लेआम और सत्ता कब्जाने का समर्थन किया है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तालिबान के सैनिकों से तुलना की है। इससे भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान हुआ है। आम जनता की जनभावनाएं आहत हुई हैं।
भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि तालिबान कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन है। तालिबानियों का समर्थन और उसकी जीत के लिए खुशी मनाना राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। तालिबानों द्वारा हिंदू, बौद्ध, सिख, ईसाई धर्म के महापुरुषों की प्रतिमाओं को खंडित किया है। डॉ. शफीकुर्र रहमान द्वारा तालिबान का समर्थन से इस्लामिक कट्टरपंथियों एवं राष्ट्रविरोधी ताकतों को बढ़ावा मिला है। भूमा पीठाधीश्वर ने कहा कि सांसद के अलावा मो मुकीम और फैजान ने सोशल मीडिया पर तालिबानियों के कृत्य का समर्थन किया है। इनके खिलाफ राष्ट्रदोह का मुकदमा दर्ज कराया जाए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र कुमार ने अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों की सकुशल वापसी के लिए देहरादून स्थित पासपोर्ट कार्यालय में एक घंटे का उपवास रखा। इस दौरान प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन क्षेत्रिय पासपोर्ट अधिकारी के माध्यम से भेजा। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जूस पिलाकर उनका उपवास खुलवाया।
इस अवसर पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि अफगानिस्तान में फंसे हुए लोग हम सबकी चिंता हैं, हम उनके परिवार की चिंता में उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं केंद्र सरकार से इस मामले में चूक हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व विदेश मंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि अफगानिस्तान के बारे में जो सामाचार प्राप्त हो रहे हैं, उनके अनुसार वहां भारतीय लोग गंभीर खतरे में हैं। केंद्र सरकार अफगानिस्तान, तालिबान कि वास्तविक स्थिति का आकलन करने में असफल रही है, जिस कारण सैकड़ों लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है।
इसमें उत्तराखंड के लोग भी शामिल हैं। ज्ञापन के साथ अफगानिस्तान में फंसे उत्तराखंड के कुछ लोगों की एक सूची भी संलग्न की गई है। इसके साथ ही देहरादून में विदेश मंत्रालय का एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की गई है, जो अफगानिस्तान में फसें लोगों की कुशलक्षेम व जानकारियां उनके परिवार के लोगों को उपलब्ध करा सके। इस अवसर पर गिरधर पंडित, एडवोकेट प्रेम सिंह दानू, आंदोलनकारी राजेश पांथरी, मनीष नागपाल आदि उपवास में शामिल रहे।
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अफगानिस्तान के हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों की सकुशल घर वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से अफगानिस्तान के हालात दिन प्रतिदिन बिगडते जा रहे हैं, उसके कारण अन्य देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक भारत सरकार की ओर से इस संबंध में किए जा रहे प्रयासों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे वहां पर फंसे भारतीय नागरिकों के परिजन चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राजनीति से ऊपर उठकर सभी को सोचना चाहिए। विभिन्न समाचार माध्यमों से मिल रही जानकारी के अनुसार रोजगार की तलाश में गए उत्तराखंड के 114 लोगों के साथ ही अफगानिस्तान में हजारों भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। इन लोगों के परिजन अपने परिजनों की सकुशल वापसी की आस लगाए बैठे हैं।
काबुल में फंसे लोगों के लिए उचित कदम उठाए सरकार
आम आदमी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्मोहन नेगी ने अफगानिस्तान के काबुल में फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से उचित कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के हालात खराब हैं। उत्तराखंड के कई लोग काबुल में फंसे हैं, जिससे उनके परिजन चिंतित हैं। आप युवा मोर्चा अध्यक्ष ने बयान जारी कर कहा कि उत्तराखंड के लगभग 150 लोग अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। जिन्हें वापस भारत लाने के लिए केंद्र सरकार को तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए। काबुल में दून के करीब 40 पूर्व सैनिक फंसे हैं। जबकि कुल उत्तराखंड के करीब 150 लोग बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार को केंद्र से मामले की पैरवी करनी चाहिए।