शिक्षा विभाग में इस बार शिक्षकों के जिनते भी पद खाली हैं, उनके अनुरूप तबादले किए जाने की तैयारी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक तबादलों से इन पदों को भरा जाएगा।
शिक्षकों के पारदर्शी तबादलों के लिए एक्ट बना है, लेकिन जब से एक्ट बना है, कभी भी इसके अनुसार शिक्षकों के तबादले नहीं हुए। तबादलों में जब मनमानी होनी है तो एक्ट को रद्द कर देना चाहिए।
डॉ.सोहन माजिला, प्रांतीय महामंत्री राजकीय शिक्षक संघ
तबादला एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव
देहरादून। प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों के लिए तबादला एक्ट संशोधित किया जाएगा। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के पास इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है। शिक्षा विभाग में अटल उत्कृष्ट स्कूलों में शिक्षकों को कम से कम पांच साल के लिए तैनात किया गया है। इन स्कूलों में तैनाता शिक्षक यदि सुगम क्षेत्र के स्कूलों में हैं तो उनकी एक साल की सेवा को दुर्गम की एक साल की सेवा माना जाएगा। जबकि दुर्गम क्षेत्र के स्कूलों में तैनात शिक्षकों की एक साल की सेवा को दो साल की दुर्गम की सेवा के समान माना जाएगा। इन स्कूलों के शिक्षकों को तबादला एक्ट से भी मुक्त रख इनके लिए अगल से तबादला नीति बनेगी।
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शिक्षकों के तबादलों के लिए शासन से कुछ और समय मांगा जा रहा है। इसके लिए समय-सारणी में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन से 15 से 20 दिन का समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
-बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक