सरकार की जन-विरोधी आर्थिक नीतियों और श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच और विभिन्न क्षेत्रों की स्वतंत्र श्रमिक यूनियनों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी दून में प्रदर्शन किया। इसके चलते बैंक, डाकघर, बीमा समेत विभिन्न कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा। उधर, बैंकों की हड़ताल से दून में दोनों दिन लगभग 300 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
आल इंडिया बैैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआइबीईए) और आल इंडिया बैैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआइबीओए) के आह्वान पर आयोजित बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को एस्ले हाल चौक स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बैंक यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश बैैंकों के कार्मिक शामिल रहे। उत्तरांचल बैैंक इंप्लाइज यूनियन देहरादून के जिला सचिव चंद्रकांत जोशी ने बताया कि पुरानी पेंशन लागू करने, संविदा कर्मियों को नियमित करने, आउटसोर्सिंग बंद करने और बैैंकों का निजीकरण नहीं करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल की है। बैंक आफ बड़ौदा के अधिकारी बैंकों में रहे लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल में रहने की वजह से वहां भी कामकाज नहीं हो सका। बैंककर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में विनय शर्मा, अनिल जैन, राजन पुंडीर, एसएस रजवाड़, ओपी मौर्य, प्रदीप डबराल, गोपाल तोमर, नवीन कुमार, विजय गुप्ता, डीएन उनियाल, विजय राणा, केके शर्मा, विनोद उनियाल, सरज कमल आदि मौजूद रहे।