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Gambhir-Yuvraj: 'अब युवराज के बारे में कौन बात करता है?' 2011 विश्व कप को लेकर गंभीर के बयान ने फिर मचाया बवाल

Sun, 10 Dec 2023 02:17 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गंभीर ने कहा कि युवराज को वह पहचान नहीं मिली जिसके वह हकदार थे क्योंकि उनके पास अच्छी पीआर एजेंसी नहीं थी। भारत के पूर्व ओपनर ने खिलाड़ियों के लिए पीआर एजेंसियों के रूप में काम करने के लिए 'ब्रॉडकास्टर्स' पर भी निशाना साधा।
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धोनी और गंभीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हाल ही में श्रीसंत से विवाद को लेकर चर्चा में आए गौतम गंभीर ने 2011 वनडे विश्व कप को लेकर एक बार फिर से बड़ा बयान दिया है। गंभीर ने 2011 विश्व कप जीत की बहस को एक बार फिर से उठाते हुए सुझाव दिया कि कैसे कुछ खिलाड़ियों का पीआर (पब्लिक रिलेशन) उन्हें हीरो बनाता है, जबकि अन्य को 'अंडरडॉग' के टैग से संतोष करना पड़ता है। गंभीर ने पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह का उदाहरण दिया, जिन्हें 2011 विश्व कप में भारत के विजयी अभियान के बाद प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। हालांकि, गंभीर को लगता है कि युवराज को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए वह मान्यता नहीं मिलती है जिसके वह हकदार हैं।
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ब्रॉडकास्टर्स पर निशाना साधा

एक इंटरव्यू में गंभीर ने कहा कि युवराज को वह पहचान नहीं मिली जिसके वह हकदार थे क्योंकि उनके पास अच्छी पीआर एजेंसी नहीं थी। भारत के पूर्व ओपनर ने खिलाड़ियों के लिए पीआर एजेंसियों के रूप में काम करने के लिए 'ब्रॉडकास्टर्स' पर भी निशाना साधा।

गंभीर ने क्या कहा?

युवराज सिंह और गौतम गंभीर - फोटो : ESPN
यह पूछे जाने पर कि जब तक भारत जीता, तब तक माही की पारी आपकी पारी पर भारी पड़ चुकी थी। इसके जवाब में गंभीर ने कहा, 'जब लोग पारी या कम रेटिंग वाले खिलाड़ियों के बारे में बात करते हैं, तो वे वास्तव में वे हैं जो किसी भी चीज की सराहना करना नहीं जानते, क्योंकि किसी को भी कम आंका नहीं जाता है। गंभीर ने कहा, 'अगर आज मेरे पास मशीनरी है और मुझे दो लोगों को चुनना है जहां मैं एक व्यक्ति को दो घंटे पचास मिनट के लिए दिखाता हूं और दूसरे व्यक्ति को केवल 10 मिनट के लिए दिखाता हूं, तो दो घंटे और 50 मिनट के लिए दिखाया गया व्यक्ति एक ब्रांड बन जाएगा। फिर यह मत कहो कि जब हम दूसरे लड़के को दिखाते हैं तो हमें नंबर नहीं मिलते क्योंकि दूसरा आदमी ब्रांड नहीं है। जब आपने दूसरे व्यक्ति को नहीं दिखाया, तो आपने दूसरे व्यक्ति को महत्व नहीं दिया। जब तक आप दूसरे व्यक्ति को महत्व नहीं देंगे, वह खुद को महत्व नहीं देगा और देश उसे कैसे महत्व देगा।

इस विश्व कप को लेकर क्या बोले गंभीर

बुमराह, शमी और सिराज - फोटो : सोशल मीडिया
गंभीर ने कहा, 'इस विश्व कप (2023) में एक अच्छी चीज हुई और मुझे खुशी है कि हम बल्लेबाजी से गेंदबाजी के प्रति जुनूनी देश बन गए। मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को उनकी कड़ी मेहनत के लिए तारीफ की जा रही है।' युवराज सिंह का उदाहरण देते हुए गंभीर ने कहा कि उन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसके वह हकदार थे। उन्होंने कहा, 'आप मुझे बताइए कि एक खिलाड़ी युवराज सिंह जो 2011 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे, उनके बारे में कितने लोग बात करते हैं। क्यों? शायद उनके पास अच्छी पीआर एजेंसी नहीं है। 'अंडररेटेड' शब्द एक बहुत ही अनुचित शब्द है। यह वास्तव में अंडरशोन है यानी लोगों को कम दिखाया जाना है। अगर आप लोगों को नहीं दिखाएंगे, तो उन्हें पता नहीं चलेगा और आप एक व्यक्ति को दिखाते रहेंगे, तो वह एक ब्रांड बन जाएगा।
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कौन बनता है ब्रांड?

उन्होंने कहा, 'ब्रॉडकास्टर कभी भी पीआर मशीनरी नहीं हो सकता। ब्रॉडकास्टर को ड्रेसिंग रूम में बैठे हर व्यक्ति के प्रति निष्पक्ष होने की जरूरत है। अगर आज मेरे पास एक मशीनरी है, जिसका उपयोग करके मैं दो खिलाड़ियों में से एक को दो घंटे और 50 मिनट के लिए दिखाता हूं और दूसरे खिलाड़ी को 10 घंटे में से केवल तीन मिनट के लिए, जिस भी खिलाड़ी को सबसे लंबा दिखाया जाता है, वह ब्रांड बन जाएगा यह तय है।
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