फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वसीम जाफर को मिला मोहम्मद कैफ का साथ, क्रिकेट में इस्लाम को बढ़ावा देने का लगा था आरोप

Sat, 13 Feb 2021 06:34 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Wasim Jaffer
टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर इन दिनों विवादों में फंसे हुए हैं। उत्तराखंड क्रिकेट टीम के कोच पद से इस्तीफा देने के बाद से जाफर पर लगातार कई आरोप लगाए जा रहे हैं। उनपर उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव माहिम वर्मा द्वारा मजहबी आरोप और टीम चयन में इस्लाम को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया। हालांकि जाफर ने इसे खारिज करते हुए खुलकर अपना पक्ष रखा। वहीं जाफर के बचाव में पूर्व क्रिकेटर भी उतर आए हैं। इस कड़ी में अब मोहम्मद कैफ भी शामिल हो गए।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
मोहम्मद कैफ
कैफ ने कहा कि उन्होंने यह पूरा प्रकरण देखकर दुःख पहुंचा है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कैफ ने एक अखबार में ताजा हालात का जिक्र करते हुए अपने दौर को याद किया है। उन्होंने अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस में एक कॉलम में अपनी बात कही है। इस कॉलम का शीर्षक है- ‘क्रिकेट को गंदा मत कीजिए, प्लीज’। 
विज्ञापन

3 of 6
Mohammad Kaif
भारत के बेहतरीन फील्डरों में शुमार मोहम्मद कैफ ने अपने इस लेख में सवाल उठाए हैं कि आखिर खेल के रास्ते में धर्म कब से आ गया? कैफ ने लिखा कि मैंने उत्तर प्रदेश, देश के अलग-अलग जोन, भारत समेत कई क्लब और इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेला है लेकिन कभी भी अपने धर्म को लेकर फिक्रमंद नहीं रहा। 

4 of 6
वसीम जाफर - फोटो : ट्विटर
कैफ ने लिखा भारतीय क्रिकेट में इन दिनों वसीम जाफर के मुद्दे को लेकर जो भी हो रहा है, वह बहुत पीड़ा देने वाला है। उन्होंने अपने बीते हुए सुनहरे क्रिकेट दौर को याद करते हुए अपने अंडर-15 के दिनों के हॉस्टल के वक्त को याद किया है। 
विज्ञापन

5 of 6
वसीम जाफर
कैफ ने यहां भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ियों के बार में बात करते हुए लिखा, ‘मुझे याद है कि सचिन अपने क्रिकेट किट बैग में अपने आराध्य साईं बाबा की तस्वीर रखते थे। वीवीएस लक्षमण अपने भगवान की तस्वीर रखते थे। जहीर खान, हरभजन सिंह अपनी-अपनी आस्था के अनुरूप चीजें करते थे। सौरव गांगुली हो या जॉन राईट, हम सभी अलग-अलग परिवेश, भाषा, धर्म के थे लेकिन हम आपस में कभी इन चीजों के बीच ना मनभेद ना मतभेद करते थे। हम हिंदू-मुस्लिम सिख या इसाई नहीं थे। हम सभी एक साथ, एक देश के लिए एकजुट होकर खेलते थे।’
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
वसीम जाफर
बता दें कि भारत के लिए 31 टेस्ट खेल चुके जाफर ने कहा था कि टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों को तरजीह देने के सीएयू के सचिव माहिम वर्मा के आरोपों से उन्हें काफी तकलीफ पहुंची। जाफर ने चयन में दखल और चयनकर्ताओं और संघ के सचिव के पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर हाल ही में इस्तीफा दे दिया था। जाफर को जून 2020 में उत्तराखंड का कोच बनाया गया था। उन्होंने एक साल का करार किया था। उत्तराखंड की टीम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पांच में से एक ही मैच जीत सकी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें