संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेले जा रहे टी-20 विश्व कप में बायो-बबल नियम तोड़ने का मामला सामने आया है। इस बार बायो-बबल के नियमों का उल्लंघन खिलाड़ी ने नहीं बल्कि अंपायर ने किया है। जी हां, दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट अंपायरों में से एक इंग्लैंड के माइकल कब बायो-बबल नियमों के तोड़ने के दोषी पाए गए हैं। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए गॉफ को छह दिन के लिए विश्व कप में अंपायरिंग से हटा दिया।
क्वारंटीन में हैं गॉफ
इंग्लैंड के अखबार डेली मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, गॉफ को आईसीसी की बायो सिक्योरिटी कमेटी ने संयुक्त अरब अमीरात में कोरोना प्रोटोकॉल बायो-बबल का पालन नहीं करने पर टूर्नामेंट से हटा दिया है, वह अभी क्वारंटीन में हैं। माइकल गॉफ का शुमार दुनिया के सबसे बेहतरीन क्रिकेट अंपायरों में किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, गॉफ बिना अनुमति लिए होटल रूम से बाहर गए थे, इस दौरान वह एक बाहर के व्यक्ति से मिले।
भारत-न्यूजीलैंड मैच के लिए हुआ था चयन
31 अक्टूबर को भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ दुबई में खेले जाने वाले मैच के लिए माइकल गॉफ को अंपायरिंग के लिए चयनित किया गया था। लेकिन जब आईसीसी को पता चला कि उन्होंने बायो-बबल नियमों का उल्लंघन किया है तो क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने उन पर तुरंत कार्रवाई की। आईसीसी ने उन्हें भारत-न्यूजीलैंड मैच से सिर्फ बाहर नहीं किया बल्कि छह दिनों का बैन भी लगा दिया। इंटरनेशनल क्रिकेट परिषद ने उनकी जगह मरेस इरासमस ड्यूटी पर लगाया है। माइकल गॉफ फिलहाल क्वारंटीन और और उनकी हर एक दिन के बाद कोरोना जांच की जा रही है। अगर आगामी छह दिनों तक उनकी सभी कोरोना जांच निगेटिव रहती हैं तो वह टूर्नामेंट में वापसी करेंगे। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ कि आईसीसी गॉफ पर कोरोना नियम पर कोई कार्रवाई करेगी या नहीं।