मुंबई के रिकॉर्ड 48वें रणजी फाइनल में पहुंचने के बाद कुलकर्णी ने हार के लिए साई किशोर को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'हम पहले दिन सुबह नौ बजे ही मैच हार गए। हमें गेंदबाजी करनी चाहिए थी, लेकिन कप्तान का कुछ मन था। जिस क्षण मैंने विकेट देखा तो मुझे पता था कि हमें क्या मिलने वाला है। सब कुछ तय था, टॉस जीतकर हम पहले गेंदबाजी करने वाले थे। हमने टॉस जीता, एक कोच के रूप में, एक मुंबईकर के रूप में, मैं परिस्थितियों को अच्छी तरह से जानता हूं। लेकिन मैं घोड़े को केवल पानी तक ही ले जा सकता हूं, उसे पानी पिला नहीं सकता।'
सुलक्षण कुलकर्णी (दाएं) ने साई किशोर और मैच को लेकर बड़े बयान दिए हैं
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कार्तिक की यह टिप्पणी अच्छी नहीं लगी, जो खुद तमिलनाडु के क्रिकेटर हैं और उन्होंने 'फाइव थम्स डाउन' इमोजी का इस्तेमाल कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, 'यह बहुत गलत है। यह कोच का बहुत निराशाजनक बयान है। सात साल बाद टीम को सेमीफाइनल में लाने वाले कप्तान का समर्थन करने और यह सोचने के बजाय कि यह अच्छी चीजों की एक शुरुआत है, कोच ने अपने कप्तान और टीम को बस के नीचे फेंक दिया है।'