वह गोवा की राजधानी पणजी के पास नेवल वॉर कॉलेज के नए प्रशासनिक भवन के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, "हमने यह सुनिश्चित किया है कि हिंद महासागर में किसी तरह का दबदबा न हो।" उन्होंने पड़ोसी राज्य कर्नाटक के कारवार में सी बर्ड नौसैनिक अड्डे पर एक विमान वाहक घाट और सहायक पोत घाट का भी उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा, "हमारी नौसेना ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी देश अपनी आर्थिक और सैन्य ताकत से हमारे मित्र देशों पर दबाव न बना पाए और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उनकी क्षेत्रीय संप्रभुत्ता को कुचल नहीं पाए।"
'सहयोगियों पर आने वाले दबाव को रोकती है भारतीय नौसेना'
राजनाथ सिंह ने कहा, "जिस तत्परता के साथ भारतीय नौसेना सहयोगियों के साथ खड़ी है, वह देश के वैश्विक मूल्यों को पर्याप्त ताकत प्रदान करती है। नौसेना की तत्परता के कारण भारत अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा है और हिंद महासागर में सहयोगी देशों की पूरी मदद कर रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "हिंद महासागर में हमारी नौसेना की मौजूदगी बाकी सहयोगियों पर आने वाले दबाव को रोकती है।" उन्होंने कहा, "हिंद महासागर क्षेत्र में पड़ोसी देशों की स्वायत्तता और संप्रभुता सुरक्षित रहनी चाहिए।"
'भारत की प्रगति से आसपास के क्षेत्र की भी होगी उन्नति'
उन्होंने कहा, "हमने सुनिश्चित किया है कि हिंद महासागर में किसी तरह का दबदबा न हो। उन्होंने आगे कहा, आज भारतीय नौसेना लगातार मजबूत होती जा रही है। हमारा नौसैनिक औद्योगिक आधार मजबू हो रहा है। हमारे शिपयार्ड का विस्तार हो रहा है। विमानवाहक पोत बढ़ रहे हैं।" रक्षा मंत्री ने कहा, "भारत की बढ़ती ताकत का लक्ष्य हिंद महासागर में दबदबा कायम करना नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि का महौल बनाना है।" सिंह ने यह भी कहा कि अगर भारत प्रगति करता है तो उसके आसपास के क्षेत्र भी प्रगति करेंगे।