न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच सोमवार से एकमात्र टेस्ट की शुरुआत होने जा रही है। इस मैच से पहले न्यूजीलैंड के कप्तान टिम साउदी ने स्वीकार किया कि देश के क्रिकेटरों द्वारा टी20 लीगों में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय अनुबंध छोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति ने खिलाड़ियों की उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। मालूम हो कि इस साल पूर्व कप्तान केन विलियमसन, डेवोन कॉनवे और फिन एलन उन खिलाड़ियों की लंबी सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट के केंद्रीय अनुबंध के बजाय अनौपचारिक अनुबंध का विकल्प चुना है।
'खिलाड़ियों की उपलब्धता बन रही चुनौती'
साउदी ने अफगानिस्तान के खिलाफ न्यूजीलैंड के एकमात्र टेस्ट से पहले कहा, न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों के साथ काम कर रहा है और वे एक ऐसे समाधान के साथ आने की कोशिश कर रहे हैं जो खिलाड़ियों और पूरे न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए सबसे उपयुक्त हो। संख्या के मामले में न्यूजीलैंड एक छोटा क्रिकेट देश है। न्यूजीलैंड के लिए जितना संभव हो सके उतने अधिक खिलाड़ियों को उपलब्ध कराना बहुत अच्छा होगा, लेकिन जिस तरह से दुनिया चल रही है, यह कठिन होता जा रहा है।
न्यूजीलैंड को उपमहाद्वीप में खेलने हैं छह टेस्ट
न्यूजीलैंड को अगले दो महीने में उपमहाद्वीप में छह टेस्ट मैच खेलने हैं। इसमें तीन भारत और दो श्रीलंका के खिलाफ है। न्यूजीलैंड के लिए उपमहाद्वीप की परिस्थितियां घरेलू माहौल से बिलकुल अलग होगी। उन्होंने कहा, परिस्थितियां हमारी आदत से अलग हैं लेकिन हम उपमहाद्वीप में छह टेस्ट मैच खेलने के मौके को लेकर उत्साहित हैं। भारत में क्रिकेट खेलना रोमांचक है, निश्चित रूप से जब से हम यहां आए हैं और पिछले कुछ दिनों से मौसम सबसे बड़ी चुनौती रही है। उपमहाद्वीप में स्पिनरों के मुताबिक परिस्थितियों में तेज गेंदबाजी करने वाले कप्तान साउदी भी एक या दो मैच चूक सकते हैं।
उन्होंने कहा, यह कठिन है, जाहिर तौर पर दुनिया के इस हिस्से में छह टेस्ट मैच हैं और हम यह सोचना चाहेंगे कि गेंदबाजी इकाई के रूप में स्पिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और हमारे पास चार बेहतरीन तेज गेंदबाज है। हमें बस यह देखना है कि कौन सा संतुलन सही है। हम प्रत्येक मैच में परिस्थितियों के हिसाब से टीम चुनेंगे। हमें कम अवधि में अधिक मैच खेलने है और ऐसे में कार्यभार प्रबंधन अहम होगा।