अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने अपनी टीम के लिए अधिक टेस्ट मैच खेलने की पैरवी की। उन्होंने साथ ही भारत में एक समर्पित घरेलू स्थल की मांग की जिससे प्रशिक्षण में सुधार हो सके और प्रतिद्वंद्वी टीमों पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल की जा सके। अफगानिस्तान मौजूदा सुरक्षा मुद्दों के कारण अपने देश में नहीं खेल सकता है। टीम अपने घरेलू मैचों की मेजबानी भारत में तीन स्थानों ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, देहरादून और संयुक्त अरब अमीरात में करती रही है।
अफगानिस्तान को सोमवार से न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेलना है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला ग्रेटर नोएडा में होगा। अफगानिस्तान का हाल के वर्षों में प्रदर्शन शानदार रहा है और उसने कई बड़ी टीमों को उलटफेर का शिकार बनाया है। अफगानिस्तान को टेस्ट प्रारूप में भी हल्के में नहीं लिया जा सकता है लेकिन टीम ने 2017 में टेस्ट दर्जा प्राप्त करने के बाद से नौ मैच खेले हैं। इसमें से अधिकांश एकतरफा मैच रहे हैं।
शाहिदी ने कहा, भारत हमारा घर है। जब हम अन्य टीमों की मेजबानी करते हैं तो उन देशों ने यहां अधिक क्रिकेट खेला है। उम्मीद है कि हमें भारत में एक अच्छा स्थल मिलेगा और अगर हम खुद को एक स्थान तक सीमित रखेंगे तो यह हमारे लिए प्रभावी होगा। उम्मीद है कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) और बीसीसीआई हमें अच्छा स्थान दिलाएंगे। आप अगर प्रथम श्रेणी में हमारे रिकॉर्ड देखें, तो यह अच्छा है क्योंकि हम अपने घरेलू मैदान पर खेलते हैं। हम उन स्थितियों को जानते हैं। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसा समय आएगा जब टीमें अफगानिस्तान का दौरा करेंगी और हमारा औसत अधिक होगा।
'नियमित आधार पर मौके मिले तो सुधार कर सकते हैं'
शाहिदी ने कहा, छह वर्षों में, नौ मैच अधिक नहीं हैं। हम इस प्रारूप में नए हैं। हमें अधिक अनुभव की आवश्यकता है। हमें अगर नियमित आधार पर अधिक मौके मिलते हैं, तो हम काफी सुधार कर सकते है। यह एसीबी और आईसीसी के हाथ में है। जब टेस्ट क्रिकेट की बात आती है, तो कुछ खिलाड़ी लीग में खेलने वालों से अलग होते हैं।
टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाले शाहिदी का मानना है कि लंबे समय तक लाल गेंद से खेलने से अफगानिस्तान को इस प्रारूप में अपने कौशल को निखारने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, हमें अगर लगातार तीन-चार मैचों की सीरीज मिलती है तो एक टीम के रूप में यह हमारे लिए मददगार होगी। हमें टेस्ट मैचों की तैयारी के लिए सिर्फ 10 दिनों का समय मिलता है। नेट सत्र में लाल गेंद से खेल कर मैच में उतरना आसान नहीं है। आप अगर अधिक मैच खेलेंगे तभी गेंद को परखने में बेहतर हो पाएंगे।
बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने पर क्या बोले शाहिदी?
न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच ऐतिहासिक है क्योंकि यह पहली बार होगा जब ये दोनों टीमें सबसे लंबे प्रारूप में एक दूसरे का सामना करेंगे। शाहिदी ने कहा, न्यूजीलैंड की रैंकिंग को देखते हुए यह हमारे लिए उनके खिलाफ खेलने का अच्छा मौका है। उम्मीद है कि एसीबी भविष्य में बड़ी टीमों के खिलाफ हमें मौके देने के लिए कड़ी मेहनत करेगी।