किसी भी खिलाड़ी के लिए मैदान से लंबे वक्त तक बाहर रहना आसान नहीं होता। ऐसा ही कुछ भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के साथ भी हुआ। पंत कार दुर्घटना में बुरी तरह चोटिल हो गए थे और उन्हें इससे उबरने में करीब 15 महीने लग गए। पंत अब आईपीएल से मैदान पर वापसी करेंगे। पंत इस दौरान दिल्ली कैपिटल्स की कमान संभालेंगे और उनके नेतृत्व में टीम पहली बार खिताब जीतने की कोशिश करेगी। पंत ने वापसी से पहले उस बुरे दौर को याद किया जब वे बुरी तरह घायल हो गए थे। पंत ने बताया कि किस तरह उन्होंने वापसी की और हौसला बनाए रखा।
'दुर्घटना के बाद पहली बार बल्ला पकड़ना अलग अनुभव रहा'
पंत ने कहा, 'सबसे बड़ी बात यह थी कि दुर्घटना के बाद मैं बैसाखियों के सहारे चलता था, लेकिन बाद में मुझे इसकी जरूरत नहीं पड़ी। इसके बाद मैंने चलना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे दौड़ने की कोशिश की। इसके बाद बल्लेबाजी का अभ्यास शुरू किया और फिर विकेटकीपिंग की। मुझे अच्छी तरह से इन सब चीजों की तारीख याद नहीं है, लेकिन वो पल मेरी यादों में हैं। मैं उस एहसास को शब्दों में बयां नहीं कर सकता जब दुर्घटना के बाद मैंने पहली बार बल्ला पकड़ा। यह काफी सुखद अनुभव था। मुझे यह नहीं लगा कि मैं पहली बार खेल रहा हूं, लेकिन ऐसा भी नहीं लगा कि मैं पहले खेल चुका हूं। उस पल ने एक अलग तरह की ऊर्जा मेरे अंदर भरी। वो अलग ही एहसास था।'
'पल का आनंद लेना महत्वपूर्ण'
पंत से जब पूछा गया कि दिल्ली कैपिटल्स में वापसी करते हुए दबाव महसूस हो रहा है? इस पर उन्होंने कहा, 'पहला एहसास यह है कि मै इस बात से खुश हूं कि मैं जिंदा हूं। अगर आप जिंदा ही नहीं रहेंगे तो अन्य चीजों के बार में किस तरह सोचेंगे। इसलिए यह जरूरी है कि आप उसी लय में उतरें और उन पलों का आनंद लें।' पंत ने साथ ही कहा कि घायल होने के बाद उन्हें काफी निराशा हुई थी और वह गुस्से में थे।
नहीं खेल सके थे पिछला सीजन
पंत चोटिल होने के कारण पिछले साल आईपीएल में नहीं खेल सके थे। उनकी जगह डेविड वॉर्नर ने दिल्ली कैपिटल्स की कमान संभाली थी। हालांकि, कुछ दिन पहले ही दिल्ली ने पंत को दोबारा कप्तानी सौंपी थी। पंत इस कारण पिछले साल हुए एशिया कप और वनडे विश्व कप टीम का भी हिस्सा नहीं रहे थे।