दरअसल चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रन बनाए और कोलकाता के सामने 193 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में शुभमन गिल और वेंकटेश अय्यर की सलामी जोड़ी ने कोलकाता को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े। गिल और अय्यर दोनों ने अपने-अपने अर्धशतक पूरे किए। 10 ओवर के बाद कोलकाता का स्कोर 88 रन हो गया था और उसे जीत के लिए अगली 60 गेंदों में 105 रन बनाने थे।
इसी समय धोनी ने पहले ओवर में महंगे रहे शार्दुल ठाकुर को गेंदबाजी पर लगाया। शार्दुल ने भी अपने कप्तान के भरोसे को कायम रखा और ओवर की चौथी गेंद और वेंकटेश अय्यर को रविंद्र जडेजा के हाथों सच कराया। अय्यर 50 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इससे पहले कि केकेआर इस झटके से उबर पाती, शार्दुल ने इसी ओवर में आखिरी गेंद पर नितीश राणा को खाता खोले बगैर ही पवेलियन की राह दिखा दी। शार्दुल ने अपने कोटे के दूसरे ओवर में महज पांच रन देकर दो विकेट झटके।
एक ओवर में दो झटके लगने के बाद कोलकाता की टीम पटरी से उतर गई और उसके एक के बाद एक विकेट गिरने लगे। हालांकि रविंद्र जडेजा का 15वां ओवर एक बार फिर से कोलकाता के लिए काल बना और मैच को उनके हाथ से निकाल ले गया। जडेजा ने इस ओवर में महज तीन रन देकर दिनेश कार्तिक और फिर शाकिब अल हसन हो पवेलियन भेज दिया। कोलकाता ने कुल मिलाकर 34 रन के अंदर अपने आठ विकेट खो दिए और मैच गंवा बैठी।