उन्होंने कहा, ‘जहां तक अश्विन के खेलने का सवाल है तो हम पिच को देखकर काफी हैरान हैं। ईमानदारी से कहूं तो हम ऐसी पिचें देख रहे हैं, जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी। मैंने सोचा था कि पिच पर बहुत घास होगी। यह अधिक जीवंत होगी। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।’ टीम में अगर अश्विन को मौका मिलता है तो रविंद्र जडेजा अंतिम एकादश से बाहर हो सकते हैं।
अहम को दूर रखना जरूरी
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि इंग्लैंड के मुश्किल हालात में बल्लेबाजी करते हुए अपने अहं को दूर रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड में आप कभी नहीं कह सकते कि आप क्रीज पर जम गए हो। आपको अपने अहं को दूर रखना होता है। यहां के हालात अन्य स्थानों की तरह नहीं है जहां 30 से 40 रन बनाने के बाद आप शॉट खेलने के लिए गेंद चुन सकते हो। आपको उसी तरह बल्लेबाजी करनी होती है जैसे शुरुआती 30 रन बनाने के लिए की और इसके बाद इसी तरीके को जहां तक संभव को दोहराना होता है। इंग्लैंड में इसी तरह के अनुशासन और धैर्य की जरूरत होती है।’
विरोधी टीम के कमजोर होने पर निर्भर
इंग्लैंड की टीम पहले दो टेस्ट में शीर्ष ऑलरांउडर बेन स्टोक्स और मुख्य तेज गेंदबाज जोफरा आर्चर और क्रिस वोक्स के बिना उतरी थी और अब मार्क वुड भी तीसरे टेस्ट से चोट के कारण बाहर हो गए हैं। कोहली से जब यह पूछा गया कि क्या यह विरोधी टीम को पछाड़कर सीरीज जीतने का सही समय है तो उन्होंने कहा, ‘हम विरोधी टीम के कमजोर होने का इंतजार नहीं करते। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह ऐसी टीम से पूछा गया सही सवाल है जो पिछले इतने वर्षों से इतना अच्छा क्रिकेट खेल रही है। हम विरोधी टीम के कमजोर होने पर निर्भर नहीं हैं, हम किसी भी सीरीज को इस तरह नहीं देखते। हम सभी प्रमुख खिलाड़ियों वाली इंग्लैंड टीम को भी हराने में सक्षम हैं।’