आईसीसी महिला विश्वकप के पहले मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराने के बाद भारत के सामने आज न्यूजीलैंड के रूप में कठिन चुनौती है। उसका सामना करने के लिए भारत को अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी सुधार करना होगा। हैमिल्टन के सेडोन पार्क की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों की मददगार है। ऐसे में यहां पर भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती यह होगी कि वह न्यूजीलैंड को बड़ा स्कोर करने से रोके । हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत को 4-1 से हार मिली थी। उस वक्त 270 व 280 रन बनाकर भी भारतीय टीम जीत नहीं सकी थी। पिछले एक साल से शानदार फॉर्म में चल रहीं झूलन को दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिलने से भी दिक्कत हो रही है। न्यूजीलैंड की टीम खेल के हर विभाग में भारतीय खिलाड़ियों से बीस साबित हुई है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ मिताली का बल्ला बोलता है
रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पिछले 44 साल में विश्वकप में दोनों टीमों के बीच 12 बार भिड़ंत हुई है, जिसमें 9 बार न्यूजीलैंड और 2 बार भारत को जीत मिली। वहीं 1997 का एक मैच टाई रहा है। भारतीय कप्तान मिताली का न्यूजीलैंड के खिलाफ बल्ला हमेशा चला है। पिछले विश्वकप में भारत ने न्यूजीलैंड को 186 रन से मात दी थी। उसमें मिताली ने 109 रन की शतकीय पारी खेली थीं। वहीं विश्वकप 2005 में भी मिताली ने 91 रन की पारी खेली थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ 35 वनडे में उन्होंने 1230 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और नौ अर्धशतक शामिल है।
शेफाली जल्द लय में लौटेगी
सीनियर तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का कहना है कि शेफाली जल्दी ही लय में लौटेंगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच से पहले उन्होंने कहा, शेफाली खुद को साबित कर चुकी है। वह बेहतरीन क्रिकेटर है और फॉर्म में नहीं रहना हर क्रिकेटर के साथ होता है। वह नेट्स पर काफी मेहनत कर रही है और अच्छी बल्लेबाजी भी कर रही है। उसे बस एक बड़ी पारी की जरूरत है।
आमने-सामने का रिकॉर्ड
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 12 बार विश्वकप में भिड़ंत हुई है। इसमें दो बार भारत जीता है तो नौ बार न्यूजीलैंड ने विजय प्राप्त की है। इसके अलावा एक मैच टाई भी रहा है।
संभावित प्लेइंग-11
स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यस्तिका भाटिया, मिताली राज (कप्तान), हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), पूजा वस्त्रकर, झूलन गोस्वामी, मेघना सिंह, राजेश्वरी गायकवाड़।