पडिक्कल ने स्टार स्पोर्ट्स पर एक कार्यक्रम के दौरान याद करते हुए कहा, ‘हम एक ही स्कूल से हैं, पहली बार असल में मैं उनसे हमारे खेल दिवस कार्यक्रम में मिला था जहां मुझे उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट करना था-वहां मैंने पहली बार उनसे बात की।’
बाएं हाथ का यह बल्लेबाज द्रविड़ के जमीन से जुड़े होने के स्वभाव से काफी प्रभावित है। कर्नाटक के लिए खेलने वाले 21 साल के पडिक्कल ने कहा, ‘उनका (द्रविड़ का) हमारा कोच होना, आप इससे अधिक कुछ नहीं मांग सकते और उनके जैसा मार्गदर्शक आपके साथ होना, यह शानदार अहसास है और उम्मीद करता हूं कि मैं उनसे काफी कुछ सीख पाऊंगा।’
बाएं हाथ के एक अन्य बल्लेबाज नितीश राणा भी द्रविड़ के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं। घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की ओर से खेलने वाले राणा ने कहा, ‘मैंने सुना है कि कोच के रूप में राहुल द्रविड़ और खिलाड़ी के रूप में राहुल द्रविड़ समान हैं। काश उनमें जितना धैर्य है मैं उसका एक प्रतिशत भी अपने अंदर ला पाऊंगा तो यह मेरे लिए बड़ी उपलब्धि होगी।’
सौराष्ट्र के युवा तेज गेंदबाज सकारिया भी द्रविड़ की तरह प्रतिबद्ध बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं यह सीखना चाहता हूं कि जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी विरोधी टीमें दबदबा बनाती हैं तो वह कैसे इतने प्रतिबद्ध रहते थे।’
सकारिया ने कहा, ‘मैं समझना चाहता हूं कि वह कैसे उन्हें परेशान करते थे और कैसे अपनी प्रतिबद्धता से उन्होंने इतना कुछ हासिल कर लिया। मैं उनके दिमाग में चल रही प्रक्रिया को सीखना और समझना चाहता हूं।’