इंग्लैंड के पूर्व चैंपियन बल्लेबाज केविन पीटरसन ने कहा है कि भारत दौरे पर बल्लेबाजों को अपना डिफेंस काफी मजबूत रखना होगा और उन्होंने 2012-13 के भारत दौरे पर नेट पर घंटों अपनी डिफेंस तकनीक पर मेहनत करके ही कामयाबी पाई थी। पीटरसन ने मुंबई में दूसरे टेस्ट में 233 गेंदों में 186 रन बनाए थे जो भारत में किसी विदेशी बल्लेबाज के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में से एक है। उस पारी ने पहला टेस्ट हार चुके इंग्लैंड के पक्ष में पासा पलट दिया था और 27 साल में इंग्लैंड ने भारत में पहली सीरीज जीती।
भारत के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज से पहले पीटरसन ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा, 'मेरे अलावा जो रूट और जॉनी बेयरस्टो हर समय नेट पर अपने डिफेंस पर काम करते थे। हम फ्रंटफुट पर नहीं खेलने का अभ्यास करते थे। हमारी कोशिश कर गेंद को आफ साइड पर खेलने की होती थी। डिफेंसिव खेलने में कुछ गलत नहीं है । डिफेंस मजबूत होने से ही आप आक्रामक होकर खेल सकते हैं। स्ट्रेट खेलना और फ्रंटफुट आगे नहीं लाना, गेंद का इंतजार करना यह सब बहुत जरूरी है।'
अश्विन की दूसरा गेंद का निकाल लिया था तोड़
पीटरसन ने भारतीय आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की 'दूसरा' को बखूबी खेला था। उन्होने कहा, 'मैंने अश्विन की दूसरा पकड़ ली थी। वह अपने रनअप की शुरुआत से पहले ही गेंद से एक्शन बना लेते हैं। वह एक आफ स्पिनर की तरह गेंद हाथ में लेकर नहीं दौड़ते और बाद में इसे बदलकर ‘दूसरा’ फेंकते हैं। मुझे 100 फीसदी यकीन रहता था कि वह दूसरा कब डालेंगे। मैंने उनकी इस गेंद पर कई बार शॉट खेले हैं। उन्होंने कहा, मैंने जडेजा को भी काफी खेला है। वह मुरली या शेन वॉर्न नहीं है। वह बायें हाथ का स्पिनर है और एक तरीके से गेंद डालता है। अगर आपकी तकनीक मजबूत है तो उसे खेलने में दिक्कत नहीं आएगी।'
भारत का पलड़ा भारी पर इंग्लैंड कम नहीं: नासिर
नासिर हुसैन
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इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट की आगामी सीरीज में भले ही भारत का पलड़ा भारी हो, लेकिन पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने चेताया है कि इंग्लैंड टीम को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए जिसने 'बैजबॉल' रणनीति से हाल ही में काफी सफलता पाई है। इंग्लैंड ने बैजबॉल शैली अपनाने के बाद से एक भी टेस्ट सीरीज नहीं गंवाई है। वहीं भारत ने 2012-13 के बाद से अपनी धरती पर कोई सीरीज नहीं हारी है।
हुसैन ने कहा, भारत का पलड़ा भारी है लेकिन ब्रेंडन मैकुलम और बेन स्टोक्स का रिकॉर्ड शानदार है। उन्हें कमतर नहीं आंका जा सकता। उन्होंने कहा, बैजबॉल को इंग्लैंड में काफी सफलता मिली लेकिन भारत या ऑस्ट्रेलिया उसके लिये सबसे बड़ी चुनौती होंगे। यह रोमांचक क्रिकेट होगा और देखना होगा कि यह टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक भारत के खिलाफ कैसे खेलती है। पारंपरिक तौर पर स्पिनरों की मददगार भारतीय पिचों पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका अहम होगी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आर्थटन का मानना है कि भारतीय स्पिनरों के पास अधिक विविधता है।