निचले क्रम के बल्लेबाज मोहम्मद शमी (56*)और जसप्रीत बुमराह (34*) ने नौवें विकेट के लिए 89 रन की अटूट साझेदारी और तेज गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन से भारत ने इंग्लैंड को दूसरे टेस्ट में 151 रन से हरा दिया।
सिराज (4/32), जसप्रीत बुमराह (3/33) और इशांत शर्मा (2/13) की दमदार गेंदबाजी के आगे अंतिम दिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए। भारत ने अपनी दूसरी पारी 8 विकेट पर 298 रन बनाकर घोषित कर दी थी।
इंग्लैंड को 60 ओवरों में 272 रन बनाने थे लेकिन मेजबान टीम 51.5 ओवरों में 120 पर ढेर हो गई। मोहम्मद सिराज ने जैसे ही एंडरसन को बोल्ड किया भारतीय खिलाड़ी खुशी से झूम उठे।
भारतीय पेस बैटरी का कमाल
इंग्लैंड को दोनों पारियों में तेज गेंदबाजों ने आउट कर इंग्लैंड में भारत को सातवीं जीत दिलाई है। भारतीय तेज गेंदबाजों ने 19 विकेट लिए। पहली पारी में मार्क वुड रनआउट हुए थे वर्ना वो विकेट भी तेज गेंदबाजों को ही मिलता। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम की शुरुआत ही खराब हुई जब एक रन पर ही दो विकेट गंवा दिए थे।
रोरी बर्न्स को बुमराह ने तीसरी ही गेंद पर सिराज के हाथों कैच करा दिया जबकि सिब्ले को शमी ने विकेट के पीछे कैच कराया। ये दोनों खाता भी नहीं खोल सके। हसीब (09), कप्तान जो रूट (33) और जॉनी बेयरस्टो (02) भी पवेलियन लौट चुके थे। बटलर ने कुछ संघर्ष किया लेकिन आठवें विकेट पर ओली के आउट होने के बाद पारी सिमटने में देर नहीं लगी।
भारत ने पहले सत्र में गंवाए दो विकेट
भारत ने सुबह छह विकेट पर 181 रन से आगे खेलना शुरू किया। शमी और बुमराह ने तब जिम्मेदारी संभाली जब भारतीय टीम आठ विकेट पर 209 रन बनाकर 200 रन की बढ़त हासिल करने की स्थिति में भी नहीं दिख रही थी। इन दोनों ने जेम्स एंडरसन से लेकर मोईन अली तक के सामने सहजता से बल्लेबाजी की और अपने शॉट से अपने साथी खिलाड़ियों को भी रोमांचित किया।
भारत ने अपनी पहली पारी में 364 रन बनाए थे। इंग्लैंड ने 391 रन बनाकर 27 रन की बढ़त हासिल की थी। भारत की ओर से दूसरी पारी में अजिंक्य रहाणे ने सर्वाधिक 61 रन बनाए। इंग्लैंड के लिए मार्क वुड ने तीन जबकि ओली रॉबिन्सन और मोईन अली ने दो-दो विकेट लिए।
विदेश में तीस साल में श्रेष्ठ साझेदारी
शमी और बुमराह की 89 रन की नाबाद साझेदारी नौवें विकेट के लिए भारत की विदेश में सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले किरण मोरे और वेंकटपति राजू ने मेलबर्न मैदान में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1991 में 77 रन जोड़े थे। जहां तक बात इंग्लैंड के मैदान में पिछली रिकॉर्ड साझेदारी 66 रन की थी जो 1982 में कपिलदेव और मदनलाल ने की थी।
ओवरऑल यह भारत की नौवें विकेट के लिए दूसरी श्रेष्ठ साझेदारी है। नाना जोशी और रमाकांत देसाई ने मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ 1960 में 149 रन जोड़े थे।
शमी का 57 गेंदों पर अर्द्धशतक
शमी और बुमराह के प्रत्येक शॉट पर भारतीय खिलाड़ी विशेषकर कप्तान विराट कोहली उछल पड़ते। इन दोनों ने कुछ किताबी शॉट भी लगाए। शमी ने हवा में शॉट खेलने के अपने कौशल का भी अच्छा नमूना पेश किया। शमी ने मोइन अली की लगातार गेंदों पर चौका और मिडविकेट पर 92 मीटर लंबा छक्का जड़कर अपने टेस्ट कॅरिअर का दूसरा अर्द्धशतक पूरा किया।
इसके लिए उन्होंने 57 गेंदें खेली। बुमराह ने इसके बाद अपने करियर का पिछला सर्वोच्च स्कोर (28 रन) पार किया। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट किस कदर दबाव में थे इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने क्षेत्ररक्षण बिखेर दिया लेकिन इससे भारतीय बल्लेबाजों को ही मदद मिली और उन्होंने आसानी से एक दो रन भी लिए।
- 56* :रन की पारी खेली 70 गेंदों पर जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल
- 34*: रन बनाए जसप्रीत बुमराह ने जो उनका श्रेष्ठ स्कोर है