पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को बीसीसीआई सचिव जय शाह ने मंगलवार को टीम इंडिया का मुख्य कोच नियुक्त किया। इसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी। दरअसल, बतौर मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का कार्यकाल टी20 विश्व कप 2024 के साथ समाप्त हो गया। बोर्ड ने इस पद के लिए आवेदन मंगाए थे। अब बोर्ड की क्रिकेट सलाहकार समिति ने गंभीर के नाम का सुझाव दिया। हालांकि, अब तक उनकी सैलरी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गंभीर की सैलरी पर नहीं आया अपडेट
दरअसल, अब तक बीसीसीआई ने गौतम गंभीर की सैलरी को लेकर कोई अपडेट नहीं दिया है। माना जा रहा है कि उनका वेतन अभी तय किया जाना बाकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह उनके पूर्ववर्ती राहुल द्रविड़ और रवि शास्त्री के समान होने की उम्मीद है।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, "गौतम के लिए जिम्मेदारी संभालना ज्यादा महत्वपूर्ण था, वेतन और अन्य चीजों पर काम किया जा सकता है। यह 2014 में रवि शास्त्री जैसा मामला ही है जिसमें उन्हें पहली बार मुख्य कोच डंकन फ्लेचर की जगह क्रिकेट निदेशक बनाया गया था।"
उन्होंने कहा, "जिस दिन रवि जुड़े थे, उनका तो अनुबंध भी नहीं था और चीजें बाद में पूरी की गईं। गौतम के मामले में भी, कुछ बारिकियों पर काम जारी है। उनका वेतन राहुल द्रविड़ के समान ही होगा।"
गंभीर की सबसे बड़ी चुनौती होगी ऑस्ट्रेलिया!
गंभीर के लिए सबसे बड़ी परीक्षा निश्चित रूप से आस्ट्रेलिया होगी जहां भारत ने रवि शास्त्री के मार्गदर्शन में 2018-19 और 2020-21 में लगातार टेस्ट श्रृंखलाएं जीती थीं। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच (1991-92 के बाद) 33 वर्षों के बाद पांच टेस्ट की श्रृंखला खेली जायेगी जिसमें पहला टेस्ट पर्थ की सबसे उछाल भरी पिच पर शुरू होगा।
गंभीर ने रणजी ट्राफी में 2013-17 के बीच कप्तान के तौर पर दिल्ली के लिए रणनीति बनाने में काफी समय बिताया है लेकिन लाल गेंद के कोच के तौर पर उनका प्रदर्शन इसी श्रृंखला पर निर्भर होगा जो भारत के विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के क्वालिफिफेशन के लिए भी निर्णायक साबित होगी।
चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम जाएगी पाकिस्तान?
इसी बीच पाकिस्तान में चैम्पियंस ट्राफी खेली जाएगी लेकिन बीसीसीआई ने अभी इसके कार्यक्रम को हरी झंडी नहीं दी है। गंभीर हमेशा भारतीय सेना के बलिदानों के बारे में बात करते हैं और वह पाकिस्तान में किसी भी तरह का क्रिकेट खेलने के खिलाफ रहे हैं। अब फिर से बीसीसीआई से अनुबंधित होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि जब एक बड़े आईसीसी खिताब के लिए खेलने की बात होगी तो उनका फैसला क्या होगा।