पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सकलैन मुश्ताक गेंदबाजी में बदलाव चाहते हैं। सकैलन का मानना है कि कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद गेंदबाजों के लिए कोहनी मोड़ने की मौजूदा 15 डिग्री की सीमा को हटा दे। सकलेन लाहौर में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के उच्च प्रदर्शन केंद्र में मुख्य कोच हैं। उन्होंने कहा कि यह नियम युवाओं को ऑफ स्पिन गेंदबाजी कला को अपनाने से हतोत्साहित कर रहा है।
सकलैन मुश्ताक ने आगे कहा, मैं जानना चाहता हूं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के विशेषज्ञ गेंदबाजों को केवल 15 डिग्री तक कोहनी मोड़ने की अनुमति देने के निष्कर्ष पर कैसे पहुंचे। क्या उन्होंने एशियाई खिलाड़ियों, कैरेबियाई खिलाड़ियों या किसी अन्य पर शोध किया क्योंकि हर कोई अलग-अलग है।
सकलैन के मुताबिक, एशियाई खिलाड़ियों का शरीर कैरेबियाई या इंग्लैंड के खिलाड़ियों से थोड़ा अलग है।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आईसीसी को इस कानून की समीक्षा करनी चाहिए क्योंकि 15 डिग्री की सीमा बहुत कम है। यह ऑफ स्पिन गेंदबाजी की कला से खिलाड़ियों को हतोत्साहित कर रहा है।
उन्होंने ने आगे कहा, मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि कानून के तहत भी कोई ऑफ-स्पिन, दूसरा और टॉप स्पिन गेंदबाजी कर सकता है, लेकिन जब से यह नियम सामने आया है, मैंने ऐसे खिलाड़ी देखे हैं जो ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते थे लेकिन अब लेग स्पिनर या कलाई के स्पिनर बन गए हैं।
क्रिकेट में दूसरा गेंद को लोकप्रिय बनाने वाले सकलेन अपने समय में दुनिया के सबसे अच्छे ऑफ स्पिन गेंदबाजों में से एक थे। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 49 टेस्ट मैच खेले जिनमें 208 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने 169 एकदिवसीय मैचों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया जिनमें वह 288 विकेट चटकाने में सफल रहे।