टीम इंडिया के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर एजी मिल्खा सिंह का शुक्रवार को 75 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया। मिल्खा सिंह ने चेन्नई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। मिल्खा के पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
पूर्व टेस्ट क्रिकेटर मिल्खा के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। मिल्खा सिंह ने 60 के दशक की शुरुआत में भारत की तरफ से 4 टेस्ट मैच खेले थे। उनके बड़े भाई एजी कृपाल सिंह भी देश की तरफ से 14 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ 1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ 1 टेस्ट मैच में ये दोनों भाई साथ में खेले थे।
बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज और कुशल फील्डर मिल्खा सिंह ने 17 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया और उन्होंने अपने 18वें जन्मदिन के तुरंत बाद अपना पहला टेस्ट मैच खेला। मद्रास (अब तमिलनाडु) की तरफ से रणजी ट्रॉफी में उनका अच्छा प्रदर्शन रहा। उन्होंने 88 प्रथम श्रेणी मैचों में 4324 रन बनाए, जिसमें आठ शतक शामिल हैं। वह भारतीय स्टेट बैंक में नौकरी करते थे।
उनके निधन पर पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'अपने जमाने के सबसे आक्रामक बायें हाथ के बल्लेबाज एजी मिल्खा सिंह नहीं रहे। श्रद्वांजलि। गुरू मेहर करे।' परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा।
Woke up to the terrible news of Milkha uncle passing away. Was a fabulous man with a heart of gold and a sense of humour that never left him until the end. Guess that Biryani lunch will have to wait. The world is definitely a poorer place. #RIP pic.twitter.com/hPbASfrNcO— Kritika Naidu (@Kritzika) November 10, 2017
Once the most attacking left hand batsman o his times AG Milkha Singh is no more..’AG’ clan is diminishing..RIP Micky..Guru MEHR Kareh..!!— Bishan Bedi (@BishanBedi) November 10, 2017