कर्नाटक सरकार ने मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती बनाने के फैसले को लेकर पूरे राज्य के अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। आज सुबह कोडागू में टीपू सुल्तान की जयंती के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने धारा 144 लाग दी है। इसके अलावा मदिकेरी में प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों पर पत्थरबाजी की।
वहीं हुबली में प्रदर्शन कर रहे 150 से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। बंगलूरू में टीपू जयंती के आयोजन को सफल बनाने के लिए सरकार ने शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।
Have detained more than 150 BJP workers in Hubli protesting against #TipuJayanti celebration: Renuka Sukumar, DCP #Karnataka
— ANI (@ANI) 10 November 2017
समारोह के दौरान कोई अप्रिय घटना को अंजाम न दिया जा सके इसलिए शहर में 11 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी साथ ही शराब बिक्री पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। पुलिस ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सिर्फ सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम को छोड़कर किसी को भी टीपू का जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी।
Stones thrown at a Karnataka State Road Transport Corporation bus in Madikeri, during protest against Tipu Jayanti celebrations
— ANI (@ANI) 10 November 2017
#Visuals of tightened security in Karnataka's Kalaburagi on #TipuJayanti pic.twitter.com/yFNxXTURLd
— ANI (@ANI) 10 November 2017
Section 144 imposed in Kodagu ahead of Tipu Jayanti celebration, security tightened: District Administration #Karnataka
— ANI (@ANI) 10 November 2017
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बंगलूरू के पुलिस आयुक्त टी सुनील कुमार ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम धारा 144 भी लगा सकते हैं और जो भी कानून तोड़ेगा उसके खिलाफ खख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) की 30 टुकड़ियों और 25 सशस्त्र दलों के अलावा शहर पुलिस के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया जायेगा।
आपको बता दें कि बीजेपी, कुछ दक्षिमपंथी संगठनों और कोडावा समुदाय के लोग टीपू सुल्तान की जयंती बनाने का विरोध कर रहे हैं। इन सभी का कहना है कि टीपू एक धार्मिक ‘‘कट्टरवादी’’ था। टीपू ने जबरन लोगों का धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल करवाने के लिए मजबूर कराया था।