इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन को दो खिलाड़ियों द्वारा नस्लवाद के आरोप लगाने के बाद बीबीसी के एक शो से बाहर कर दिया गया है। वॉन बीबीसी 5 लाइव के द टफर्स एंड वॉन क्रिकेट शो में बीते 12 साल से टेस्ट मैच स्पेशल में एनालिस्ट के तौर पर काम कर रहे थे। लेकिन वह अजीम रफीक द्वारा नस्लवाद के आरोपों के बाद सोमवार को शो में दिखाई नहीं देंगे। रफीक ने दावा किया था कि वॉन ने 2009 में यॉर्कशायर और नॉटिंघमशायर के बीच खेले जाने वाले मैच से पहले उनके और अन्य खिलाड़ियों के प्रति नस्लवादी टिप्पणी की थी। माइकल वॉन ने साल 1991 से लेकर 2009 तक यॉर्कशायर काउंटी टीम का प्रतिनिधित्व किया था।
आरोपों का खंडन कर चुके हैं वॉन
हालांकि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। डेली टेलीग्राफ के कॉलम में उन्होंने स्वीकार किया कि वह यॉर्कशायर में संस्थागत नस्लवाद के रफीक के आरोपों की जांच में शामिल पूर्व खिलाड़ी वही थे। लेकिन नस्लवाद के आरोपों को उन्होंने पूरी तरह से इनकार किया और कहा कि वह अपना नाम हटाने लिए अंत तक लड़ाई लड़ेंगे। यॉर्कशायर ने रिपोर्ट में कहा कि माइकल वॉन ने अजीम रफीक सहित एशियाई समूह के खिलाड़ियों से कहा, इस समूह में आप जैसे बहुत खिलाड़ी हैं, हमें इसके बारे में कुछ करने की आवश्यकता है। यह रफीक का इंग्लिश काउंटी में पहला सीजन था।
वॉन दी सफाई
कॉलम में माइकल वॉन ने आगे लिखा, मैं पूरी तरह और स्पष्ट रूप से इनकार करता हूं मैंने कभी उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया, मेरे पास कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है, मेरी तरफ से इस समूह का शब्द का इस्तेमाल कभी नहीं हुआ, दस साल पहले कहे गए शब्दों को याद करने वाला कोई भी व्यक्ति गलत होगा, लेकिन मैं अपनी बात पर अडिग हुं कि मैंने उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर का कहना है कि उन्होंने माइकल वॉन को यॉर्कशायर के एशियाई मूल के खिलाड़ियों पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए सुना था। नावेद ने एक क्रिकेट वेबसाइट से बातचीत के दौरान यह बात कही थी।