41 साल की उम्र में IPL डेब्यू कर न जाने कितनों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने प्रवीण तांबे का आज जन्मदिन है। 8 अक्टूबर 1971 को जन्में प्रवीण सोमवार को अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं। डोमेस्टिक क्रिकेट में मुंबई टीम से खेलने वाले प्रवीण के नाम IPL में अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है।
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तांबे ने 2013 तक किसी फर्स्ट क्लास साइड तक के लिए कोई बड़ा मैच तक नहीं खेला था, लेकिन 2013 में राहुल द्रविड़ की नजर उन पर पड़ी और द्रविड़ ने 41 साल के तांबे को आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए चुन लिया।
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तब तक वे आईपीएल के दौरान एक अधिकारी के तौर पर काम करते थे। आईपीएल के बाद तांबे चैम्पियंस लीग में भी खेले और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। आईपीएल में सफलता के बाद ही 42 साल की उम्र में उन्हें पहली बार मुंबई की रणजी टीम के लिए चुना गया।
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मई 2013 में राजस्थान रॉयल्स टीम की ओर से खेलते हुए उन्होंने IPL डेब्यू किया था। उस वक्त उनकी उम्र 41 साल 7 महीने थी। इसके साथ ही वे सबसे ज्यादा उम्र में IPL डेब्यू करने वाले क्रिकेटर बन गए थे। हालांकि दो साल बाद ही ये रिकॉर्ड ब्रेड हॉग ने 44 साल की उम्र में डेब्यू करते हुए तोड़ दिया।
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आईपीएल 2014 में तांबे ने कोलकाता के खिलाफ हैट्रिक भी ली। प्रवीण अबतक राजस्थान रॉयल्स, गुजरात लायन्स और सनराइजर्स हैदराबाद टीम की ओर से IPL खेल चुके हैं। 2017 IPL में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने 10 लाख रुपए में खरीदा था।
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प्रवीण तांबे का कहना है कि क्रिकेट उनका पहला प्यार है। उन्होंने अपनी शादी से पहले ही होने वाली पत्नी को भी ये बात बता दी थी। उन्होंने अपनी मंगेतर से ये कह दिया था कि क्रिकेट मेरा पहला प्यार है और रहेगा। क्रिकेट के बाद तुम्हारा नंबर आएगा। वाइफ के इस बात को समझने के बाद ही उन्होंने शादी की थी।
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प्रवीण का एक बेटा और एक बेटी भी है। वहीं उनके पिता भी क्रिकेटर रहे हैं, जो जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी की टीम के लिए खेला करते थे। प्रवीण शुरुआती दौर में फास्ट बॉलर थे, लेकिन ओरिएंट शिपिंग टीम से खेलने के दौरान उनके कप्तान रहे अजय कदम ने उनसे लेग स्पिन में हाथ आजमाने के लिए कहा।
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प्रवीण ने लेग स्पिन बॉलिंग शुरू की और उन्हें विकेट मिलने लगे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। तांबे ने 1994 से 2004 तक ओरिएंट शिपिंग के लिए क्रिकेट खेला। तांबे शिवाजी पार्क जिमखाना टीम के लिए भी खेलते थे।
संदीप पाटिल भी तांबे की बॉलिंग देखकर काफी प्रभावित हुए थे। साल 2004 में ओरिएंट शिपिंग ने क्रिकेटिंग एक्टिविटी बंद कर दी। जिसके बाद प्रवीण की नौकरी चली गई। इसके बाद उन्होंने DY पाटिल एकेडमी ज्वाइन कर ली।