john lucas bodybuilder
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भगवान शिव के भी हैं भक्त
जॉन रुद्रवतार हनुमान जी के साथ-साथ भगवान शिव की भी उपासना करते हैं। यहां तक की उन्होंने भगवान शिव के रौद्र रूप को अपने शरीर पर टैटू भी करवा रखा है। भारतीय संस्कृति के प्रति उनका रुझान उन्होंने भारत में खासी लोकप्रियता भी दिलवाता है यही वजह है कि वो गणेश चतुर्थी, दीवाली और अन्य त्योहारों पर अपने फैन्स को भारतीय अंदाज में बधाईयां भी देते हैं। वे ये भी कहते हैं कि भारत को लेकर उनका प्रेम कभी कम नहीं होगा।
जॉन ऐसे पहले व्यक्ति नहीं हैं जो सनातन संस्कृति से प्रभावित हुए हैं। स्वामी विवेकानंद जब अमेरिका की यात्रा पर थे तो पूरे अमेरिका में उनकी जबरदस्त फैन फॉलोईंग हो गई थी। इसकी मुख्य वजह थी स्वामी जी के सनातन धर्म को लेकर दिए भाषण। सनातन एक जीवन पध्दति है जो इंसान को उच्चतम स्तर तक पहुंचाती है। यही वजह है कि अवसाद की चपेट में आ रहे पाश्चात्य जगत को हमेशा से सनातन धर्म आकर्षित करता है। जुलिया रॉबर्ट्स और रॉबर्ट डौनी जूनियर जैसे सितारों के भी हिंदू धर्म को अपनाने की खबरों के बारे में सुना होगा।
हिंदू धर्म को अपनाने की कोई धार्मिक औपचारिकताएं नहीं होती हैं। यदि आप सनातन संस्कृति को मानते हैं, ईश्वर में असीम विश्वास रखते हैं, वसुधैव कुटुंबकम को मानते हैं तो आप हिंदू हैं। निश्चित तौर पर कर्मकांडों का भी अपना महत्व होता है। सनातन संस्कृति से जुड़े कर्मकांड वैज्ञानिक आधारों पर बनाए गए हैं।
बेशक आज भारत में ही कई लोग अपने कर्मकांडों के महत्व को नहीं समझते हैं लेकिन इनके पीछे गहरे आधार हैं। सबसे महत्वपूर्ण है हिंदू धर्म में शांति का महत्व। बुध्द इसी धरती पर हुए और इसकी वजह था यहां के पुराने संस्कार। उन्हीं वैदिक संस्कार को उन्होंने पुनर्भाषित किया था। उनका रास्ता भी शांति का मार्ग था। भारतीय संस्कृति से जो भी जुड़ा उसने शांति का मार्ग पाया है।
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भारतीय संस्कृति के प्रति झुकाव
जॉन को भी भारत के लोगों और संस्कृति में वो ऊर्जा और अपनापन देखने को मिलता है जो दुनिया में कहीं और नहीं है। सनातन परंपरा की सबसे महत्वपूर्ण बात है अपनी तरफ आने वाले को खुले मन से स्वीकार करना। यहीं सनातन धर्म एक विश्व धर्म बन जाता है। यहां किसी तरह की बाध्याताएँ नहीं है। यहां ईश्वर ही सर्वोच्च कानून है। कर्म की प्रधानता है और पाप पुण्य की अवधारणाएं। जॉन लूकस जब भी भारत आए तो उन्होंने भारतीय पहलवानों और बॉडी बिल्डर्स में हनुमान जी की उपासना को देखा।
वे खुद भी हनुमान भक्त हो गए। भक्ति का ये रस क्या होता है ये किसी को बताया नहीं जा सकता पर महसूस किया जा सकता है। जहां दुनिया के तमाम धर्म धर्मांतरण के प्रयासों की भेंट चढ़ रहे हैं वहीं सनातन परंपरा में इसका कोई स्थान नहीं। जो भी वैदिक संस्कृति को मानता है या भारतीय देवी देवताओं में विश्वास भी रखता है वही सनातन धर्मी हो जाता है। यही वजह है कि इस देश में कबीर और सांईं बाबा की पूजा भी उसी श्रध्दा से होती है जैसे अन्य देवी देवताओं की।
जॉन लूकस एक ऐसा उदाहरण हैं जो सनातन धर्म की कीमत को समझाते हैं। सनातन परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता अगाध प्रेम है। यहां अतिथि देवो भवः की परंपरा है। जॉन को सोशल मीडिया पर जो पहचान मिली उससे उनका उत्साह बढ़ा। भारत में वो जहां जहां भी गए लोग उनके दीवाने हो गए। आप स्वयं कल्पना कीजिए भगवान शिव पर जल चढ़ाते या हनुमान जी की तस्वीर के आगे खड़े एक पहलवान की। एक छोटी सी क्रिया किसी के व्यक्तित्व को नए मायन दे देती है। यही वजह है कि लुकस ने अपनी इस छबि को अब जीना शुरू कर दिया है। वे कहते हैं कि वो भारत के गोद लिए पुत्र हैं।
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