अरुणाचल प्रदेश में पीएम मोदी
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यह सड़क अरुणाचल में मांगों से शुरू होकर राज्य के सीमावर्ती इलाकों से गुजरते हुए म्यांमार सीमा से सटे विजयनगर तक जाएगी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के एक अधिकारी बताते हैं कि यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी और कठिन सड़क परियोजना है। यह मैकमोहन लाइन को कवर करते हुए नियंत्रण रेखा से करीब 25 किमी भीतर बनेगी।
फिलहाल तेजपुर या ईटानगर से तवांग को जोड़ने वाली सड़क सेला पास से होकर गुजरती है। अरुणाचल की राजधानी ईटानगर से तवांग के बीच की 447 किमी दूरी तय करने में फिलहाल करीब 14 घंटे का समय लगता है। इसी तरह तेजपुर से तवांग के बीच की 327 किमी दूरी तय करने में नौ घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है।
यह दुनिया में दोहरी सड़क वाली सबसे लंबी टनल है। इस परियोजना के तहत कुल तीन टनल बनाए गए हैं। पहला टनल 993 मीटर लंबा है। दूसरा टनल जुड़वां हैं। इसमें मुख्य टनल 1591 मीटर लंबी है और उससे सटी एक और एस्केप टनल भी बनाई गई है जो आपात स्थिति में राहत और बचाव के काम आ सके।
इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस दुर्गम इलाके में ऐसी टनल का निर्माण काफी चुनौती भरा था। मौसम भी बेहद प्रतिकूल था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में इसकी आधारशिला रखी थी। टनल में ट्रैफिक पर निगरानी के लिए आधुनिकतम उपकरण लगाए गए हैं। इसमें सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया है। तवांग में पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का दावा है कि इस टनल के शुरू होने से इलाके में आने वाले पर्यटकों की तादाद दोगुनी होने का अनुमान है।
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