भैंस के दूध में गाय के दूध की तुलना में 92 प्रतिशत कैल्शियम, 37 प्रतिशत लौह और 118 प्रतिशत अधिक फॉस्फोरस होता है।
हजरत मोहम्मद साहब ने कहा हैं कि गाय दौलत कि रानी हैं। जब भारत में इस्लाम का प्रचार शुरू हुआ, तब गौ रक्षा का प्रश्न भी सामने आया, इसे सभी मुस्लिम शासको ने समझा और उन्होंने फरमान जारी करके गाय बैल का क़त्ल बंद किया था।बेगम हजरत आयशा में हजरत मोहम्मद साहब लिखते हैं कि गाय का दूध बदन की ख़ूबसूरती और तंदुरुस्ती बढाने का बड़ा जरिया हैं।(नासिहते हाद्रो) हजरत मों. साहब लिखते हैं कि गाय का दूध और घी तंदुरुस्ती के लिए बहुत जरूरी हैं। और उसका मांस बीमारी पैदा करता है। जबकि उसका दूध भी दवा है।भैंस के दूध में प्रति ग्राम ०.64 मिली ग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है।
भैंस के दूध में गाय के दूध की तुलना में 92 प्रतिशत कैल्शियम, 37 प्रतिशत लौह और 118 प्रतिशत अधिक फॉस्फोरस होता है। इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर के अनुसार गाय के दूध से बेहतर भैंस का दूध होता है। उसमें कम कोलेस्ट्रॉल होता है और मिनरल अधिक होते हैं। भैंस का दूध वजन और मांसपेशी मजबूत करता है। आयुर्वेद के अनुसार जो लोग अखाड़े/जिम मे जाते हैं उनके लिए सबसे बेस्ट है।
बाजार में विभिन्न कंपनियों का पैक्ड दूध भी उपलब्ध होता है। पैक्ड दूध- मदर डेयरी, अमूल, पराग, नमस्ते इंडिया, श्याम डेरी, जैसी कंपनियां सप्लाई करती हैं। इसमें विटामिन ए, लौह और कैल्शियम ऊपर से भी मिलाया जाता है। इसमें भी कई तरह के जैसे फुल क्रीम, टोंड, डबल टोंड और फ्लेवर्ड मिल्क मिलते हैं। फुल क्रीम में पूर्ण मलाई होती है, अतः वसा सबसे अधिक होता है। इन सभी की अपनी उपयोगिता है,पर चिकित्सकों की राय अनुसार बच्चों के लिए फुल क्रीम दूध बेहतर है तो बड़ों के लिए कम फैट वाला दूध।
दूध के प्रकार
सम्पूर्ण दूध- स्वस्थ पशु से प्राप्त किया गया दूध जिसके संघटन में ठोस परिवर्त्तन न किया गया हो, पूर्ण दूध कहलाता है। इस प्रकार के दूध को गाय, बकरी, भैंस की दूध कहा जाता है। पूर्ण दूध में वसा तथा वसाविहीन ठोस की न्यूनतम मात्रा गाय में 3.5% तथा 8.5% और भैंस में 6% तथा 9%, क्रमशः रखी गई है। स्टेण्डर्ड दूध- यह दूध जिसमें वसा तथा वसाविहीन ठोस की मात्रा दूध से क्रीम निकल कर दूध में न्यूनतम वसा 4.5% तथा वसाविहीन ठोस 8.5% रखी जाती है।
टोण्ड दूध- पूर्ण दूध में पानी तथा सप्रेश दूध पाऊडर को मिलाकर टोण्ड दूध प्राप्त किया जाता है जिसकी वसा 3% तथा वसाविहीन ठोस की मात्रा 8.5% निर्धारित की गयी है।(घ) डबल टोण्ड दूध- इस दूध में वसा 1.5% तथा वसाविहीन ठोस 9% निर्धारित रहती है।(ड.) रिक्न्सटिट्यूटेड दूध- जब दूध के पाऊडर को पानी में घोल कर दूध तैयार किया जाता है जिसमें 1 भाग दूध पाऊडर तथा 7 से 8 भाग पानी मिलाते हैं तो उसमें रिकन्सटिट्यूटेड दूध कहते हैं।(च) रिकम्बाइण्ड दूध- यह दूध जो बटर आयल, सप्रेस दूध पाऊडर तथा पानी की निश्चित मात्राओं को मिलाकर तैयार किया जाता है उसे रिकम्बाइण्ड दूध कहते हैं।
दूध ऊर्जा युक्त आहार है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।
जिसमें वसा की मात्रा 3% तथा वसाविहीन ठोस की मात्रा 8.5% निर्धारित की गई है।(छ) फिल्ड दूध- जब पूर्ण दूध में से दुग्ध वसा को निकाल कर उसके स्थान पर वनस्पति वसा को मिलाया जाता है उसे फिल्ड दूध कहते हैं।
दूध से घी, खोया, लस्सी, दही, मक्खन, रबड़ी और आइसक्रीम जैसे कई उत्पाद बनते हैं। दूध ऊर्जा युक्त आहार है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। दूध में एमिनो एसिड एवं फैटी एसिड मौजूद होते हैं। डॉ वर्गीज़ कुरियन की जयंती पर राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाने का विचार सन 2014 में सबसे पहले इंडियन डेरी एसोसिएशन ने दिया था। डॉ वर्गीज़ कुरियन का जन्म 26 नवंबर 1921 को केरल के कोझिकोट में हुआ था। उन्हें श्वेत क्रांति का जनक कहा जाता है। डॉ कुरियन का सन 2014 में 93 वां जन्म दिवस था।
अतएव डॉ कुरियन के 98 वें जन्मदिवस पर 26 नवंबर 2019 को भारत में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह हर साल मनाया जाता है । भारत में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस को ,जो की संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन के तत्वावधान में सन 2001 से प्रत्येक वर्ष 1 जून को विश्व भर में मनाया जाता है,की तर्ज पर पेश किया गया। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, दूध और इस उद्योग से सम्बंधित गतिविधियों के प्रचार एवं लोगों में आजीवन दूध और दूध उत्पादों के मह्त्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। भारत में दुग्ध दिवस 2019 की थीम है-"दूध पीना: आज और हर दिन"। डॉ कुरियन को भारत का मिल्क मैन भी कहा जाता है चूँकि दूध एक महत्वपूर्ण आहार है इसलिए स्वास्थ्य के लिहाज से इसे हर व्यक्ति को लेना चाहिए ।
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