बुनियादी डीएसएलआर का उपयोग करके बड़े जानवरों को कैप्चर किया जा सकता है।
- फोटो : रेहानुल इस्लाम सरकार
कैमरा है जरूरी
कैमरा दूसरी सबसे महत्वपूर्ण चीज है। उन्नत ज़ूम क्षमताओं वाला एक अच्छा कैमरा इस क्षेत्र में एक अच्छा निवेश है। बुनियादी डीएसएलआर का उपयोग करके बड़े जानवरों को कैप्चर किया जा सकता है, लेकिन पक्षियों या कीड़ों जैसे छोटे जानवरों के लिए एक पेशेवर कैमरे की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, अधिकांश वन्यजीव तस्वीरें गति में ली जाती हैं। इसके लिए, कैमरे में ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइज़ेशन (OIS) होना अच्छा है। और अंत में, एक्शन।
एक्शन से मेरा तात्पर्य उस गति से है जिससे हम क्लिक करते हैं। वन्य जीवन में क्षण तात्कालिक होते हैं। उन्हें सही समय पर कैप्चर करना मुश्किल होता है। इसलिए, फोटोग्राफर को कैमरे को सेट करने और शॉट्स लेने में बहुत तेज होना पड़ता हैं, जो अतिरिक्त अभ्यास के साथ ही मुमकिन है। इन बातों का ध्यान रखकर तस्वीर में आने वाली विकृतियों को दूर किया जा सकता है।
वन्यजीव फोटोग्राफी कौशल और जुनून का मिश्रण है। इसलिए, इस अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति फोटोग्राफी दिवस पर, मैं सभी वन्यजीव फोटोग्राफी पेशेवरों और उत्साही लोगों को बधाई देता हूं, जिन्होंने वन्यजीवों के रहस्यों को दुनिया के सामने उजागर किया, और उस गिलहरी को भी जिसने मुझे अपनी दुनिया में प्रवेश करने का अवसर दिया।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw।co।in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।