हज़ारों जवान हर रोज़ हमारी सुरक्षा में लगे रहते हैं और उनकी वजह से ही हम निश्चिन्त होकर मेट्रो, एयरपोर्ट की सुविधाओं का लाभ उठा पाते हैं.
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दरअसल, यह एक छोटी सी घटना मात्र नहीं है। सोचिये ऐसे ही हज़ारों जवान हर रोज़ हमारी सुरक्षा में लगे रहते हैं और उनकी वजह से ही हम निश्चिन्त होकर मेट्रो, एयरपोर्ट की सुविधाओं का लाभ उठा पाते हैं और सुरक्षित रूप से सफर कर लेते हैं। भले ही हम सब रोज़ इनके सामने से गुज़र जाते हैं लेकिन शायद कर्तव्यनिष्ठा पर उतना ध्यान ना देते हों, जितना महत्व देश की सीमा पर खड़े प्रहरियों का है उतना ही योगदान इन जवानों का भी है जो देश के भीतर हमारी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लिए खड़े रहते हैं।
मेट्रो स्टेशन या एयरपोर्ट आते-जाते हुए जिन जवानों से हम रोज़ रूबरू होते हैं वे सब CISF के जवान हैं। CISF यानी सेंटर इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्सेज़, एक ऐसी फोर्स जिसका मुख्य उद्देश्य आंतरिक और औद्योगिक सुरक्षा प्रदान करना है। CISF का एक गौरवशाली इतिहास रहा है।
इसकी स्थापना संसद के अधिनियम "केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अधिनियम, 1968 (1968 का 50)" के तहत् हुई। वर्ष 1969 में, 3129 कर्मियों के साथ स्थापित सीआईएसएफ में 1 जुलाई 2014 तक कर्मियों की संख्या बढ़कर 1,39,620 हो चुकी है। दरअसल, CISF में 10 रिज़र्व बटालियन, 08 प्रशिक्षण संस्थान और 39 अन्य संगठन हैं। CISF संपत्ति और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के साथ परिसर के कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करता है। CISF अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा विभाग, हवाई अड्डों, दिल्ली मेट्रो, बंदरगाहों, ऐतिहासिक स्मारकों और भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी क्षेत्रों जैसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बिजली, कोयला, इस्पात और खनन सहित सामरिक प्रतिष्ठान को सुरक्षा प्रदान कर रहा है।
CISF दिल्ली में कुछ निजी क्षेत्र की इकाइयों और महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है। वर्तमान में, सीआईएसएफ जेड प्लस, जेड, एक्स, वाई के रूप में वर्गीकृत संरक्षित व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है।
CISF एकमात्र केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जिसमें पूर्ण रूप से फायर सर्विस विंग है।
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CISF एकमात्र केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जिसमें पूर्ण रूप से फायर सर्विस विंग है। CISF फायर सर्विस विंग देश की सबसे बड़ी पेशेवर, अच्छी तरह से प्रशिक्षित और सुसज्जितअग्निशमन बल है, जो पेट्रो-केमिकल कॉम्प्लेक्स, ऑयल रिफाइनरी, स्टील प्लांट्स, केमिकल जैसी अति संवेदनशील, संवेदनशील औ खतरनाक इकाइयों में आग से बचाव और अग्नि सुरक्षाप्रदान कर रहा है। CISF फायर विंग 7549 फायर पेशेवरों के साथ पूरे देश में 102 विभिन्न प्रतिष्ठानों को अग्नि सुरक्षा कवरेज प्रदान कर रहा है।
जहां सेना के जवान सीमा पर हमें गर्व महसूस करवाते हैं और वही अहसास CISF के जवान अपनी ड्यूटी को ईमानदारी से निभाते हुए हमें रोज़-बरोज़ करवाते हैं। इस साल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर CISF के 32 कर्मियों को विभिन्न श्रेणियों के पुलिस सेवा पदकों से सम्मानित किया गया और इसके साथ ही साथ कई सारे और भी ख़बरें आती रहती हैं जो CISF की साख और मजबूत करती हैं।
हाल की वह घटना तो याद ही होगी आपको जब स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में मुस्तैद CISF के सुरक्षाकर्मियों ने ईमानदारी की मिसाल कायम की थी। इन ईमानदार जवानों ने एक लाख रुपये से भरा बैग उसके मालिक के हवाले कर दिया जो लापरवाही में इसे खो बैठे थे। ऐसे ही ना जाने कितने हमारे आप के अनुभव होंगे CISF के साथ।
तो अगली बार से जब भी आप मेट्रो या एयरपोर्ट पर सफर के दौरान किसी CISF के जवान से मिले तो ज्यादा न भी सही, एक मुस्कान के साथ उसका अभिवादन करें, हो सके तो ज़रा रुककर, उनकी कर्मनिष्ठा के लिए धन्यवाद भी जरूर करें, क्योंकि हर जवान हम सब की सुरक्षा के लिए अपनी खुशियों, अपने त्योहारों को छोड़ कर हमारी सुरक्षा और सफल यात्रा के लिए हमारे सामने खड़ा होता है। अगर किसी त्योहार के दिन मुलाक़ात हो तो उन्हें भी शुभकामनाएं दें और जरूर जताएं कि आपका त्योहार सुख-शांति के साथ बीते, इसके लिए उनका योगदान आप कभी नहीं भूलेंगे।
जय हिंद।
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