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अंतरिम बजट: मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में वापसी के भरोसे की झलक

सार

खुद वित्त मंत्री ने कहा कि हमने अंतरिम बजट की परंपरा को जारी रखते हुए अंतरिम बजट में किसी तरह की लोकलुभावन घोषणाएं करने से परहेज किया है। हालांकि, बजट में थोड़ी बहुत राहते तो हैं। पूरा बजट मोदी सरकार दो माह बाद लोकसभा चुनाव में नया जनादेश लेकर प्रस्तुत करेगी।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अंतरिम बजट पेश किया। - फोटो : PTI
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विस्तार
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केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने अपने छठे बजट और पहले अंतरिम बजट को पेश करते हुए साफ संदेश दिया कि मोदी सरकार तीसरी बार सत्ता में आने को लेकर पूरी तरह न सिर्फ आश्वस्त है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था जो रोड मैप उसने अब तक तैयार किया है, उसी पर आगे बढ़ने के लिए भी दृढ़ संकल्प है। इस अंतरिम बजट में यह संदेश भी निहित है कि पूरी दुनिया में भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी दमदारी से आगे बढ़ रही है और ऐसे ही बढ़ती रहेगी। चूंकि यह अंतरिम बजट था, इसलिए इसमें किसी तरह की लोक लुभावन योजनाओं की घोषणाओं की उम्मीद किसी को भी नहीं थी।

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खुद वित्त मंत्री ने कहा कि हमने अंतरिम बजट की परंपरा को जारी रखते हुए अंतरिम बजट में किसी तरह की लोकलुभावन घोषणाएं करने से परहेज किया है। हालांकि, बजट में थोड़ी बहुत राहते तो हैं। पूरा बजट मोदी सरकार दो माह बाद लोकसभा चुनाव में नया जनादेश लेकर प्रस्तुत करेगी। लेकिन वह भी अंतरिम बजट का विस्तार होगा, जिसमें देश में ‘विकसित भारत’ की अवधारणा के साथ देश के आर्थिक विकास का रोड मैप होगा। छोटा होने के बाद भी इस अंतरिम बजट में पूर्ण भावी बजट के संकेत छुपे है।

शायद इसीलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र  मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह देश के निर्माण का बजट है। हालांकि, इस का यह अर्थ कदापि नहीं है कि इस बजट के माध्यम से देश की प्रमुख समस्यााओं जैसे कि बढ़ता कर्ज, बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई आदि का निदान हो जाएगा। लेकिन अगर दुनिया के बाकी देशों की अर्थव्यवस्थाओं के संकट के संदर्भ में देखें तो वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने देश की गुलाबी तस्वीर पेश करने का भरपूर प्रयास किया है। यह भी सच है कि देश की विभिन्न आंतरिक और बाहरी समस्याओं के बाद भी भारत की आर्थिकी अपनी चाल से आगे बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि लोगों के हाथ पैसा आए। लेकिन पूर्ण बजट में हमे ऐसे प्रावधान देखने को मिल सकते हैं। 
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यूं यह बजट अपने साथ कुछ रिकॉर्ड भी बना गया है। पहला तो देश की दूसरी महिला वित्त मंत्री होते हुए लगातार छठी बार बजट पेश करने का और अपने ही पूर्ववर्ती भाषणों की तुलना में सबसे छोटा यानी 58 मिनट का भाषण देने का कीर्तिमान भी उन्हीं के नाम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 में दूसरी बार सत्ता में वापसी के बाद जब निर्मला सीतारमन को अपना वित्त मंत्री बनाया था, तब उनकी क्षमताओं को लेकर  कई सवाल भी तैर रहे थे, क्योकि इस देश में कुछ समय के लिए वित्त मंत्री के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी का कार्यकाल छोड़ दें तो वित्त विभाग पुरूषों का अधिकार क्षेत्र रहा है।

एक त्रासदी यह भी रही कि निर्मला सीतारमन के वित्त मंत्री बनने के एक साल बाद ही देश को कोविड से जूझना पड़ा, जिससे देश की आर्थिकी काफी गड़बड़ाई। लेकिन अब यह कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए कि कोविड के बाद वे फिर देश की आर्थिकी को काफी हद तक पटरी पर ले आई हैं और यह अंतरिम बजट भी आत्मविश्वास से भरा है। 

यह अंतरिम बजट मुख्यत: आर्थिक विकास की गति को कायम रखने और गरीब कल्याण के भाव से प्रेरित है, जो मुख्य रूप से 4 सेक्टरों पर फोकस है। ये हैं- गरीब, महिलाएं, युवा और किसान। सरकार को मालूम है कि चुनाव में मतदान की दृष्टि से इन्हीं वर्गों का महत्व सर्वाधिक है और इनके वोटों से ही सरकार के सत्ता में लौटने की आश्वस्ति भी बनती है। लिहाजा यह राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। केन्द्रीय वित्तमंत्री ने दावे के साथ कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश में गरीबी घट रही है। सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।

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जहां तक मध्य वर्ग को कर राहत की बात है तो वित्त ने आयकर के वर्तमान स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया और न ही कोई नए टैक्स लगाए। - फोटो : PTI
गरीब कल्याण योजना में ₹ 34 लाख करोड़ खातों में भेजे। इसी तरह वित्तमंत्री ने दावा किया आज देश में करीब 1 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बनीं हैं, अब 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। युवाओं में कौशल विकास का जिक्र करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि देश में तीन हजार नए आईआईटी खोले गए हैं। 54 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। एशियाई खेलों में भारत के युवाओं को कामयाबी मिली है। अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र के योगदान और रोजगार की दृष्टि से लागू पीएम किसान योजना का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इससे 11.8 करोड़ लोगों को आर्थिक मदद मिली है। 

वित्त मंत्री ने कराधान प्रणाली, रक्षा बजट में वृद्धि तथा अन्य योजनाओं के संदर्भ में कहा कि डायरेक्ट या इनडायरेक्ट टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जबकि रक्षा खर्च में 11.1% की बढ़ोतरी की गई है। देश का रक्षा खर्च अब जीडीपी का 3.4% होगा। इसी तरह  आशा बहनों को भी आयुष्मान योजना का लाभ देने, तिलहन अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा हर महीने 300 यूनिट बिजली फ्री देने का ऐलान भी वित्त मंत्री ने किया।

जहां तक मध्य वर्ग को कर राहत की बात है तो वित्त ने आयकर के वर्तमान स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया और न ही कोई नए टैक्स लगाए। अलबत्ता देश में कर संग्रहण की गुलाबी तस्वीर उन्होंने जरूर पेश की। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में  10 साल में इनकम टैक्स कलेक्शन तीन गुना बढ़ गया है। बजट में बढ़ता राजकोषीय घाटा चिंता का विषय है। वित्त मंत्री सीतारमन ने कहा कि वर्तमान राजकोषीय घाटा 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आगे हम इसे और कम करेंगे।

मैंने टैक्स रेट में कटौती की है। प्रस्तुत अंतरिम बजट  में 44.90 लाख करोड़ रुपए का खर्च है और 30 लाख करोड़ का रेवेन्यू आने का अनुमान है। विदेशी निवेश का जिक्र करते हुए सीतारमन ने कहा कि बीते 10 साल में देश में दोगुना एफडीआई आया। कंपनियों को राहत देने के उद्देश्य से बजट में कारपोरेट टैक्स को घटाकर 22 फीसदी कर दिया गया है।  बजट में रेलों की गुणवत्ता सुधार की दृष्टि से वित्तमंत्री ने घोषणा की कि 

40 हजार सामान्य रेल कोचेज वंदे भारत जैसे होंगे, ब्लू इकोनॉमी 2.0 के तहत नई योजना शुरू होगी, सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देगी। पिछले दिनो पड़ोसी देश मालदीव के सात रिश्ते तनावपूर्ण होने के बाद मोदी सरकार ने भारतीय समुद्री सीमा में स्थित लक्षद्वीप में अधोसंरचना विकास को बढ़ावा देने का ऐलान भी किया। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर में विकास के लिए सरकार ने 11.1% ज्यादा खर्च का प्रावधान किया है। साथ ही उन्होंने 50 साल के लिए 1 लाख करोड़ के ब्याज मुक्त लोन देने की बात भी कही। 

बजट में महिलाओं-बच्चों, मध्यम वर्ग का भी ध्यान रखा गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा कि सरकार लड़कियों के  सर्वाइकल कैंसर के वैक्सीनेशन पर ध्यान देगी। इसी तरह मध्यम वर्ग के लिए नई आवास योजना लाई जाएगी, जिसके अंतर्गत अगले 5 साल में 2 करोड़ घर और बनाए जाएंगे। पीएम आवास के तहत 3 करोड़ घर बनाए गए हैं। 

कुल मिलाकर अंतरिम बजट आगामी पूर्ण बजट का ट्रेलर है। इसमे किसी किस्म की हड़बड़ाहट या जल्दबाजी नहीं दिखती। वित्त मंत्री सीतारमन ने कहा भी देश के अमृतकाल में हमारी सरकार ऐसी नीतियों को अपनाएगी, जिससे सभी का विकास हो। हम रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के रास्ते पर चलेंगे। अंतरिम बजट भी इस राह पर एक मजबूत कदम है।  

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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