अब जल्द जिला पंचकूला के लोगों को पानी की समस्या से निजात मिलने वाली है। इसके लिए पंचकूला की उपायुक्त जल्द मीटिंग करने जा रही हैं। उपायुक्त जिले में चलाई जाने वाली परियोजनाओं की समीक्षा भी करेंगी।
डा. गरिमा मित्तल ने बताया कि पिंजौर और कालका में लोगों को प्रतिदिन 155 लीटर पेयजल सप्लाई करवाने की परियोजना पर कार्य चल रहा है। इसका 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अक्तूबर 2017 तक यह परियोजना फाइनल हो जाएगी।
इस परियोजना के अंतर्गत ट्यूबवेल लगवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग जिले के 208 गांवों और 466 ढाणियों के साथ कस्बा पिंजौर व कालका में पीने के पानी की सप्लाई कर रहा है।
विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पीने के पानी का उपलब्ध करवाने के लिए 220 ट्यूबवेल व शहरी क्षेत्र में 25 ट्यूबवेल लगाए हैं। इसके अतिरिक्त 9 चस्मों तथा घग्गर नदी के बैड में बने तीन सरफेस रीवर वॉटर जो छामला, बड़ीसेर व अमड़ी में स्थित हैं। इससे मोरनी क्षेत्र के गांवों में पीने के पानी की सप्लाई की जा रही है।
उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने बताया कि मोरनी क्षेत्र में गर्मियों के दिनों में सरफेस वॉटर ऑफ रीवर में पानी की कमी हो जाने की वजह से 40 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से वितरित किया जा रहा है। दूसरे सीजन में 70 लीटर पानी प्रतिदिन उपलब्ध करवाया जाता है।
उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 65 जगहों पर 40 से 55 लीटर, 568 जगहों पर 55 से 70 लीटर तथा 41 जगहों पर 70 लीटर से अधिक पेयजल प्रतिदिन सप्लाई किया जा रहा है।
पिंजौर के लोगों को 103 लीटर पेयजल प्रतिदिन प्रति व्यक्ति की दर से व कालका कस्बा में 125 लीटर पेयजल प्रतिदिन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2016-17 में विभिन्न गांवों में नए ट्यूबवेल लगाने, पाइप लाइन बिछाने, बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण के लिए सरकार को प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।