एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन पंचकूला के ब्लाकों को शौचमुक्त करने का दावा कर रहा है और दूसरी ओर हालात यह हैं कि छह हजार से ज्यादा शौचालय के आवेदन अभी तक पेंडिंग हैं। पंचकूला के लोग तो चाहते हैं कि जल्द से जल्द शौचालय तैयार करवाएं जाएं, लेकिन आवेदन की प्रोसेसिंग न होने की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा।
पंचकूला के वार्ड नंबर-20 के लोगों ने शौचालय के लिए आवेदन दिया है। यहां रामगढ़, माणक्या, बिल्ला, भानू, बिल्ला जसवंतगढ़ समेत करीब 20 गांव हैं। वार्ड में करीब 45 हजार की आबादी है। इस वार्ड के करीब दो हजार से ज्यादा लोगों ने शौचालय के लिए आवेदन भेजे हैं। इन आवेदनों की प्रोसेसिंग नहीं की गई है। वार्ड पार्षद सलीम ने कहा कि गांव को जल्द खुले में शौचमुक्त बनाएं लेकिन फार्म की प्रोसेसिंग न हो पाने के कारण अब तक ऐसा नहीं हो सका है।
वार्ड 7 का भी है ऐसा ही हाल
पंचकूला के वार्ड-7 में पड़ने वाले गांवों के लोगों ने भी शौचालय बनवाने के लिए आवेदन भेजे हैं। इस वार्ड में खड़क मंगोली, बीड़ घग्गर आदि गांव हैं। इन गांवों काफी संख्या में लोगों ने शौचालय बनवाने के लिए आवेदन दिए हैं। इन आवेदनों की भी प्रोसेसिंग नहीं हो सकी है। वार्ड के पार्षद विनोद कुमार ने कहा कि प्रोसेसिंग जितनी जल्द होगी उतनी तेजी से शौचालय का निर्माण होगा।
शौचालय के लिए मिलेंगे चौदह हजार
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पात्र व्यक्तियों के शौचालयों का निर्माण करने के लिए 14 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। यह रुपये दो किश्तों में जाता है, पहली किश्त सात हजार रुपये की होती है औरर दूसरी किश्त भी सात हजार रुपये की है। प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर 14 हजार रुपये व्यय करने का प्रावधान रखा गया है।
करीब एक हजार आवेदन का प्रोसेसिंग
पंचकूला नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निगम के अधीन आने वाले इलाकों से करीब छह हजार आवेदन आईं हैं। इसके लिए प्रोसेसिंग की जा रही है। एक हजार से ज्यादा आवेदनों की प्रोसेसिंग की जा चुकी है। जल्द ही बचे हुए फार्म की प्रोसेसिंग होगी।