फोटो-52: बीडीपीओ कार्यालय में हुई बैठक में अपनी बात रखते पंचायत समिति के सदस्य। संवाद
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ खंड पंचायत समिति की बैठक में विकास कार्यों और करीब नौ करोड़ रुपये के बजट के हिसाब को लेकर सदस्यों के बीच हंगामा हो गया। मामला बढ़ता देख मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और सभागार के दरवाजे बंद कर दिए गए। बैठक में पूर्व चेयरपर्सन वर्षा गौतम और विपक्षी सदस्यों ने विकास कार्यों में भेदभाव और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। करीब 30 मिनट तक पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि नहीं हो सकी। बाद में विपक्षी सदस्य बैठक से वॉकआउट कर गए और 16 सदस्यों ने सर्वसम्मति से तीनों एजेंडे पारित कर दिए।
बीडीपीओ कार्यालय के सभागार में हुई बैठक में विपक्षी सदस्य योगेश बामड़ोली और वर्षा गौतम ने मांग की कि पहले करीब नौ करोड़ रुपये के विकास कार्यों और भुगतान का पूरा हिसाब दिया जाए। उनका कहना था कि खर्च का ब्योरा उपलब्ध नहीं होने तक पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि नहीं की जाएगी। सदस्यों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं दी जा रही और कई फैसले बिना सदस्यों को विश्वास में लिए लिए जा रहे हैं।
वर्षा गौतम ने आरोप लगाया कि नौ करोड़ रुपये के भुगतान के विवरण की जानकारी मांगी तो बीडीपीओ परमजीत ने कहा कि इसके लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन करना होगा।
विवाद बढ़ता देख चेयरपर्सन रचिता जून ने बीडीपीओ परमजीत को बैठक के तीनों एजेंडों पर मतदान कराने के निर्देश दिए। मतदान शुरू होते ही विपक्ष के 11 सदस्यों ने विरोध स्वरूप बैठक का बहिष्कार कर दिया। एक सदस्य अनुपस्थित रहे जबकि दो सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
इसके बाद मौजूद 16 सदस्यों की सहमति से बैठक के तीनों एजेंडे पारित कर दिए गए। बैठक के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे। विपक्षी सदस्यों ने चेतावनी दी कि विकास कार्यों और बजट खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया तो वे मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। वहीं, चेयरपर्सन रचिता जून ने कहा कि सभी कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं और बैठक की कार्यवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पूरी की गई है।
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