सदर बाजार थाना क्षेत्र निवासी दो छात्रों की शुक्रवार देर रात सिर व चेहरा कुचलकर हत्या कर दी गई। दोनों के शव मोदीपुरम में रेलवे ट्रैक पर मिले। पुलिस ने पहले इसे ट्रेन से हादसा माना। लेकिन एक छात्र के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए हंगामा कर दिया। दोनों शव पांच सौ मीटर की दूरी पर अलग-अलग पड़े थे। जबकि एक्टिवा ट्रैक के पास सुरक्षित खड़ी मिली।
सदर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत सोतीगंज निवासी लक्ष्य वर्मा (19) पुत्र व्यापारी चरण सिंह वर्मा बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र था। जबकि सदर बाजार निवासी रोहित तिवारी (20) नीलकंठ इंस्टीट्यूट में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। दोनों छात्रों का कुछ दिन पहले गंगानगर स्थित एक कॉलेज के छात्रों से विवाद होना बताया गया। शुक्रवार रात लक्ष्य अपनी सफेद एक्टिवा यूपी 15 बीएस 9222 से अपने दोस्त रोहित के साथ निकला था। रात करीब 12:30 बजे देहरादून से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस के चालक ने आरपीएफ और गेटमैन को सूचना दी कि मोदीपुरम में नीलकंठ इंस्टीट्यूट से कुछ दूरी पर दो शव पड़े हैं। जिसके बाद जीआरपी और मोदीपुरम चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। मौके से मिले मोबाइल फोन के आधार पर दोनों शवों की पहचान हुई।
परिजनों बोले यह हादसा नहीं हत्या
पुलिस ने पहले इसे ट्रेन की चपेट में आकर हादसा होना माना। लेकिन जब दोनों के मोबाइल फोन ट्रैक पर सुरक्षित मिले और एक्टिवा की चाबी व मोबाइल की लीड लक्ष्य की जेब से मिली तो जांच का रुख पलट गया। पुलिस की सूचना पर लक्ष्य की मां गीता और अन्य परिजन बिलखती हुई हालत में पहुंचे। उन्होंने दोनों छात्रों की हत्या का आरोप लगाया। दोनों छात्रों के सिर्फ सिर कुचले हुए थे। जबकि शरीर के अन्य किसी अंग पर कोई चोट नही थी। दोनों के शव भी अलग-अलग दूरी पर पड़े मिले। आरोप लगाया कि सिर पर घातक वार कर दोनों की हत्या की गई और इसे ट्रेन से हादसा दिखाने के लिए दोनों शवों को रेलवे लाइन पर फेंका गया है। पुलिस के अनुसार दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है एक महिला से संबंध होने के चक्कर में छात्रों की हत्या हुई है।