संवाद न्यूज़ एजेंसी
बादली। सर्दी शुरू होते ही पशुओं में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। प्रतिदिन पशु अस्पताल में लंपी के संदिग्ध मामले सामने आ रहे हैं लेकिन अभी तक किसी पशु की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया है।
बादली गांव के सरकारी पशु अस्पताल में प्रतिदिन औसतन एक पशु लंपी वायरस से संक्रमित मिल रहा है। वीरवार को गुभाना गांव में दो पशु लंपी वायरस से संक्रमित मिले हैं। चिकित्सकों की माने तो यह वायरस गाय, बछिया-बछड़े में ज्यादा फैलता है।
सरकारी पशु अस्पताल के चिकित्सक संदीप सिंहमार का कहना है कि लंपी वायरस से संक्रमित पशु जरूर मिले हैं लेकिन पशुपालकों को ज्यादा चिंतित नहीं होना है। अस्पताल में लंपी वायरस से बचाव की वैक्सीन उपलब्ध है। फिलहाल, पशुओं को अन्य बीमारियों की वैक्सीन लगाई गई है। अभी लंपी के बचाव वाली वैक्सीन का इंतजार करना होगा। समय-समय पर पशुओं को आवश्यक वैक्सीन दी जाती है। पशुपालकों को भी विभाग का सहयोग करना चाहिए।
लंपी वायरस के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार, आंखों और नाक से पानी बहना, शरीर पर गांठें बनना, पैरों में सूजन, भूख कम लगना और दूध उत्पादन में कमी शामिल हैं।
लंपी वायरस फैलने का खतरा हो तो यह करें
बीमार पशु का तुरंत डाक्टर की सलाह पर उपचार शुरू करें। पशुओं के बाड़े में साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखें। बाड़े में कीटनाशक दवाई का छिड़काव करें। पशुओं के घाव हो रहे हों तो उन्हें एंटीसेप्टिक से साफ करें। मच्छर, जूं और किलनी से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करें।