झज्जर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह की अदालत ने वर्ष 2024 के मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में आरोपी रवि और चेतन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा। इसलिए दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है।
मामला थाना दुजाना में 11 अगस्त 2024 को दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता रजनीश ने आरोप लगाया था कि 10 अगस्त 2024 की शाम करीब 6:15 बजे वह अपनी मोटरसाइकिल से गांव महाराणा की ओर जा रहा था। रास्ते में गांव मदाना कलां निवासी रवि और चेतन ने उसकी बाइक रोक ली, उसे नीचे गिराकर ईंट से उसके सिर और कमर पर हमला किया तथा जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ईंट और मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा भी किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण गवाह और स्वयं शिकायतकर्ता रजनीश अदालत में अपने पहले दिए गए बयान से पलट गया। उसने अदालत को बताया कि आरोपियों ने न तो उसके साथ मारपीट की और न ही उसे जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के बयान से मुकरने और पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।