उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में कुंभी ब्लाक क्षेत्र के लखहा गांव के प्राइमरी स्कूल में मिड-डे-मील (एमडीएम) खाने से 12 बच्चे बीमार हो गए।
इसमें से छह की हालत गंभीर है। बच्चों को मोहम्मदी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। लापरवाही बरतने के आरोप में प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है।
बुधवार को प्राथमिक विद्यालय लखहा में मिड-डे-मील में कढ़ी चावल बनाया गया था। स्कूल में 45 बच्चे मौजूद थे, इनमें 12 बच्चों ने ही भोजन किया। खाना खाते ही बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं तो स्कूल में अफरातफरी मच गई।
गंभीर रूप से बीमार छह बच्चों को स्थानीय सीएचसी में भर्ती कराया गया।
जिन बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है उनमें ग्राम दयानपुर की सुमिता (12), रीता देवी (10), पूनम कौर (10), परासन की रोशनी (9), लखहा की सुमनलता (12) और मोहिनी (9) शामिल हैं।
एसडीएम सुल्तान अशरफ सिद्दीकी ने भी अस्पताल जाकर बच्चों का हालचाल पूछा। सूचना पाकर बीएसए डॉ. ओपी राय भी अस्पताल पहुंचे।
प्रधानाध्यापिका शांति देवी का कहना है कि वह स्कूल के काम से अमीरनगर गई थीं, खाना रसोइयों ने बनाया, इसमें एक रसोइया ईश्वरवती की बच्ची मोहिनी भी बीमार है। ईश्वरवती ने बताया उन्हें कोटे से 15-20 दिन पहले चावल मिले थे।
सीएचसी के डॉ. केएल चौधरी का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला फूड प्वायजनिंग का लग रहा है। स्थिति नियंत्रण में है।
कुंभी ब्लाक के बीईओ सुनील कुमार ने बताया कि स्कूल में प्रधानाध्यापिका मौजूद नहीं थीं, उन्हें लापरवाही के कारण बीएसए डॉ. ओपी राय ने निलंबित कर दिया है। भोजन की जांच खाद्य निरीक्षक से कराई जा रही है।