झज्जर। सिद्ध श्री 1008 बाबा कांशीगिरि जी महाराज मंदिर में सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया गया।
पवन कौशिक ने कहा कि विद्या वह शक्ति है, जो मनुष्य को विवेकशील बनाती है। वसंत ऋतु स्वयं सरस्वती का प्रतीक है। वसंत पंचमी के दिन प्रकृति में वसंत के आगमन का आरंभ होता है। इस दिन मां सरस्वती को पीले फूल अर्पित किए जाते है। पीला रंग खुशी, प्रेम और ऊर्जा का प्रतीक है। बसंत पंचमी के दिन लोग पीले वस्त्र पहनते है और पीला भोजन करते है। वसंत सभी ऋतुओं का राजा है। पंचमी के दिन भगवान राम ने शबरी के आश्रम में बेर खाए थे।
मंदिर समिति के मनीष मेहता, सुधांशु हंस ने बताया कि कार्यक्रम में सुंदरकांड वाचक योगेश रंजन, पवन कौशिक, भारत भूषण नंदा सहित श्रद्धालुओं ने संगीतमयी श्री सुंदरकांड पाठ का सामूहिक गायन किया। इस अवसर पर भारत भूषण नंदा, योगेश रंजन ने कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना जो रूखा सूखा दिया हमें, कभी उस का भोग लगा जाना.. भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
हनुमान चालीसा, बाबा चालीसा, दुर्गा चालीसा के उपरांत शिवम तनेजा ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर मंदिर समिति के उपप्रधान पदम् खट्टर, रूपचन्द अरोड़ा, प्रदीप काठपालिया, वर्मा सुभाष, डिम्पल-जितेंद्र वर्मा,अनिल छाबड़ा, सुरेश गाबा, जय प्रकाश गुप्ता, सतीश चुघ सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।