झज्जर। स्कॉलरशिप के द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ तिमाही के पात्र विद्यार्थियों का डाटा उपस्थिति के आधार पर पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को 27 जनवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई स्कूल डेटा अपलोड नहीं करता है तो विभाग की तरफ से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाती है। योजना का लाभ सभी पात्र विद्यार्थियों को निरंतर मिलता रहे इसके लिए विभाग ने स्कूलों से विद्यार्थियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्रैमासिक स्कीमों में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने का माड्यूल वन स्कूल एप पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है। विद्यार्थियों के बैंक खाता संख्या एवं परिवार पहचान पत्र आईडी को सत्यापित करने के बाद ही डाटा अपडेट किया जाए। विद्यार्थियों की जानकारी चेक करके अलग-अलग बैंक खाता अंकित करें।
पात्र विद्यार्थियों का डाटा अपलोड करते समय यह भी ध्यान रखा जाए कि विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि बारे किसी प्रकार की भी डुप्लीकेसी या वित्तीय अनियमितता न हो। यदि ऐसा होता है तो इसके लिए आपका कार्यालय/खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित विद्यालय का मुखिया पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगें।
क्योंकि पात्र विद्यार्थियों का पूर्ण डाटा उनके स्तर पर ही अपलोड किया जाता है, उसी के आधार पर ही निदेशालय द्वारा डाटा डाउनलोड करके पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाता में में राशि वितरित की जाती है। इसके अतिरिक्त अगर कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाता है तो इसके लिए भी आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।