हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं के लिए जारी किया फरमान। दरअसल तंवर ने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने वाले पूर्व व मौजूदा सांसदों और विधायकों को पार्टी में तभी शामिल किया जा सकता है, जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मंजूरी मिले। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से हाल ही में इनेलो के दो पूर्व विधायकों को कांग्रेस में शामिल किए जाने को डॉ. तंवर के नकारे जाने के बाद सोमवार को उन्होंने इस मामले में आलाकमान के नियमों का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ने का प्रयास किया।
हरियाणा कांग्रेस भवन में सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जब पत्रकारों ने उनसे हुड्डा की ओर से इनेलो नेताओं को पार्टी में शामिल किए जाने के मुद्दे पर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं। पार्टी में किसी भी दल से आने वाले पूर्व सांसद और पूर्व विधायकों को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के अप्रवूल के बाद ही शामिल किया जाता है। पूर्व विधायक अशोक कश्यप और बीएल सैनी को हुड्डा की ओर से कांग्रेस में शामिल किए जाने के बारे में तंवर ने कहा कि उन्हें शामिल करने के बारे में आलाकमान ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या हुड्डा ने प्रदेशाध्यक्ष को बताए बिना ही सैनी और कश्यप को पार्टी में शामिल कर लिया, उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान की ओर से तय नियमों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। तंवर ने यह भी कहा कि पार्टी अध्यक्ष के नाते उनकी ड्यूटी है कि मैं ऐसे मामले देखूं। किसी भी गतिविधि के बारे में आंखें मूंदकर बैठा नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कई पूर्व मंत्री और सांसद कांग्रेस में शामिल होने के इच्छुक हैं, लेकिन आलाकमान से अभी उनका अप्रूवल नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि कुछ नेताओं के बारे में अप्रूवल के लिए उन्होंने आलाकमान को पत्र भेजा हुआ है।
सरस्वती की खुदाई करने वाले मजदूरों को नहीं मिला पैसा : तंवर
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने मनरेगा के तहत मजदूरों को लगाकर सरस्वती नदी की खुदाई का काम तो करा लिया, लेकिन अब तक मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना कांग्रेस ने शुरू की थी, जिससे करोड़ों लोगों को लाभ मिला, लेकिन हरियाणा में पिछले साल से मनरेगा में पैसा नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि सरस्वती की खोज के लिए हुई खुदाई का काम करने वालों को अगर सरकार ने पैसा नहीं दिया तो कांग्रेस प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।
तंवर ने स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव पर उठाए सवाल
अशोक तंवर
- फोटो : फाइल फोटो
डॉ. अशोक तंवर ने पांचवीं कक्षा की पुस्तकें पत्रकारों को दिखाते हुए प्रदेश भाजपा सरकार की ओर से पाठ्यक्रम में किए जा रहे बदलाव की कड़ी आलोचना की। उन्होंने बताया कि पांचवीं के बच्चों के लिए तैयार पुस्तक झिलमिल में कांग्रेस शासन के दौरान प्रदेश के महान नेताओं की जीवनी पर आधारित अध्याय हरियाणा का गौरव शामिल किया गया था। इसके अंतर्गत सर छोटूराम, चौ. देवीलाल और अन्य पूर्व नेताओं के जीवनवृत्त शामिल किए गए थे।
डॉ. तंवर ने पुरानी और नई झिलमिल पुस्तक दिखाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नई पुस्तक से यह अध्याय ही हटा दिया है। तंवर ने इसके साथ ही पांचवीं कक्षा की गणित की पुस्तक भी पत्रकारों को दिखाई। उन्होंने कहा कि पुरानी गणित की किताबों में बच्चों को जमा-घटाव, लाभ-हानि जैसे गणित के विषय ही पढ़ाए जाते थे, लेकिन भाजपा सरकार ने गणित की पुस्तक को गणित का जादू बनाकर इसमें बच्चों को मछली उछली और कोण व आकृतियां आदि पढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश को 21वीं सदी की ओर ले जा रही भाजपा भावी पीढ़ियों का भविष्य बर्बाद करने पर तुल गई है।
प्रकाश कमेटी ने अफसरों की जांच की, सरकार के नेता बच गए
प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों पर तंवर ने कहा कि इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया जा सकता और पूरी तरह स्वीकार भी नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में केवल अफसरों की जिम्मेदारी ही तय की गई है, सरकार की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? उन्होंने कहा कि कई दोषियों को तो सरकार ने पहले ही अच्छी जगह बैठा दिया है। सरकार लीपापोती कर रही है। तंवर ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह सामाजिक ताने-बाने से जुड़ा मामला है। हरियाणा के लोगों को जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैसे तो सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सत्ता छोड़ देनी चाहिए। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन जरूरी है।
आंदोलन की हिंसा में हुड्डा का हाथ नहीं : तंवर
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के लिए कांग्रेसी नेताओं को बदनाम करने की भाजपा और इनेलो ने साजिश रची थी। हुड्डा की भूमिका के बारे में पूछे गए सवाल पर डॉ. तंवर ने कहा कि न तो कांग्रेस का हिंसा से कोई वास्ता था और न ही हुड्डा साहब का। उन्होंने कहा कि सरकार के पास मशीनरी है, चाहे तो हर मामले की जांच करा ले। उन्होंने इस बात से भी इंकार किया कि कलकल कांग्रेस का पदाधिकारी है। तंवर ने कहा कि मैं प्रदेशाध्यक्ष हूं और मैं ही कलकल से कभी नहीं मिला। उसके फोटो भाजपा नेताओं के साथ ही दिखाई दे रहे हैं।