अनजाने और रहस्यमय तरीक से एक ही परिवार के 16 लोग जहर निगल गए। अब तक 2 की मौत, 14 लोग अस्पतालों में भर्ती। मामला हरियाणा के हिसार/मंडी आदमपुर के गांव भाणा का है। यहां के कस्वां परिवार की ढाणियों में 16 लोग अनजाने में ही जहर निगल गए। यह रहस्य बना हुआ है कि आखिर इन लोगों के पेट में जहर गया तो गया कैसे। तीन दिन में दादा-पोते की मौत हो चुकी है। परिवार के 14 लोग अस्पतालों में दाखिल हैं, जिसमें आठ की हालात अभी भी गंभीर बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि भाणा के भालसिंह तथा उनके भाई फूसाराम और रिछपाल के कुनबे के 13 लोग शहर के तीन अस्पतालों में रहस्यमयी बीमारी के चलते दाखिल हैं। इनमें धोलूराम, अंगूरी देवी, रामसिंह, लीला देवी, किरण, भालसिंह, रेखा, दो वर्षीय कर्ण, विद्या देवी, रोशनी, मोनिका, अंजू और नरेश शामिल हैं। 12 साल के मोहित की रविवार शाम मौत हो गई। शनिवार को उसके दादा रिछपाल की मौत हुई थी। इस परिवार में अचानक दो मौतें होने से ग्रामीण सकते में हैं। सीएमओ डॉ. जेएस ग्रेवाल ने अस्पतालों में जाकर दाखिल लोगों से बात की है।
रिछपाल के ब्लड रिलेशन वाले ही चपेट में
ग्रामीणों ने बताया कि रिछपाल और उनके पोते की रहस्यमय बीमारी से मौत हो गई है। परिवार के 13 सदस्य अस्पताल में दाखिल हैं। दो-तीन को छुट्टी दे दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रिछपाल के ब्लड रिलेशन वाले सदस्यों में ही यह रहस्यमय बीमारी हुई है। परिवार के सदस्यों को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत होती है और तबीयत बिगड़ जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि रिछपाल की मौत पर कुनबे की बेटी रोशनी कालवास से शोक जताने आई। उसकी हालत भी बिगड़ गई। सदलपुर से दोहता नरेश आया तो उसे भी अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा। दूसरी बेटी सुलोचना को ससुराल गांव धांगड़ भेज दिया गया, वह सकुशल है।
किसी अंजान वस्तु के जरिए जहर की चपेट में
हिसार में जहर का कहर
- फोटो : amar ujala
तीन बहनों का इकलौता भाई था मोहित
ग्रामीणों ने बताया कि मोहित तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह शनिवार को दादा रिछपाल की मौत के बाद बीमारी की चपेट में आया और रविवार शाम उसकी मौत हो गई। उसके माता-पिता और दो बहनें भी बीमारी की चपेट में हैं।
कुनबे के पशु भी चपेट में
रिछपाल के कुनबे की तीन भैंसें और दो गाय भी जहरीले पदार्थ के प्रभाव में हैं। उनके मुंह से निरंतर लाल रंग की लार टपक रही है। पशु खडे़ तक नहीं हो पा रहे। चिकित्सकों से उनका इलाज कराया जा रहा है।
11 दिन पहले एक और मौत हुई थी
रिछपाल के भतीजे नरसी की करीब 11 दिन पहले कीटनाशक के प्रभाव के चलते मौत हो गई थी। वह धोखे से कीटनाशक की बोतल उठाकर पी गया था। बाद में वह चल बसा था।
डॉ. संदीप जांगड़ा, शव का पोस्टमार्टम करने वाले एमओ सिविल अस्पताल ने बताया कि मृतक बालक का विसरा लेकर मधुबन स्थित लैब में भेजा गया है। विसरा रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। बाकी हो सकता है, उसकी मौत जहरीली वस्तु के प्रभाव से हुई हो।
टीम पहुंची गांव
सीसवाल सीएचसी से एसएमओ डॉ. रोशनलाल टीम सहित ढाणी में पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने ढाणी में बने तीनों पानी के टैंकों को खाली करवा लिया है।
डॉ. जेएस ग्रेवाल, सीएमओ, हिसार के मुताबिक ये लोग किसी अंजान वस्तु के जरिए जहर की चपेट में आ गए। ये उल्टी दस्त का मामला नहीं है। ये स्पष्ट तौर से जहर का मामला है। ये ओरग्रेनो फार्स जहर है। इनके जो ब्लड सैंपल की जांच हुई है उसमें ओरगेनिस्ट्रेट कम पाया गया है। बाकी पोस्टमार्टम के बाद ही बताया जा सकता है।