प्राचीन काल से सुनते आए हैं कि जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं लेकिन आज कन्या भ्रूण हत्या सबसे ज्यादा घरों में की जाती है। इसका कारण नकारात्मक सोच है। अगर आधी आबादी ही पीछे रही तो देश आगे कैसे बढ़ सकता है? ये बातें अमर उजाला और प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को नगर के श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय में आयोजित नारी सम्मान समारोह में मंडलायुक्त नीलम अहलावत ने बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
कार्यक्रम में खेल, शिक्षा, उद्यमिता, बहादुरी, कला और सामाजिक कार्य क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए चयनित मंडल की छह महिलाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में महिलाओं से जुड़ी प्रदेश सरकार की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि महिलाएं कमजोर नहीं हैं। सच यह है कुछ जगहों पर नारी को जो सम्मान मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है। इसमें सुधार की आवश्यकता है। डीडीसी ऋतु सुहास ने कहा कि यह एक नेक पहल है। कुछ ऐसा होना चाहिए कि महिलाएं पुरुषों के बराबर हों।
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. वीपी सिंह ने कहा कि जब नारी का सम्मान घर में होगा तभी बाहर भी होगा। समारोह में कला क्षेत्र से आजमगढ़ की ममता पंडित, शिक्षा के क्षेत्र से मऊ जनपद की हुमा रिजवी, बहादुरी के लिए बलिया जनपद की सविता खरवार, खेल के क्षेत्र में आजमगढ़ की रीमा यादव, उद्यमिता क्षेत्र से आजमगढ़ की सरिता प्रजापति और समाजसेवा के क्षेत्र में मऊ जनपद की डा. नम्रता श्रीवास्तव को शाल, स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।
शुभारंभ मंडलायुक्त नीलम अहलावत, प्रधानाचार्य अनवर जहां, अग्रसेन महिला पीजी कालेज की प्राचार्या प्रिया मुखर्जी और पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मौके पर नारी शक्ति संस्थान की डा. वंदना द्विवेदी, इनरव्हील की अमितलता सिंह, डा. अलका सिंह, पूर्व सीएमओ डा. वीके अग्रवाल, अपर पुलिस ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी ट्रैफिक एच रहमान, रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा की निदेशिका हिना देसाई, अग्रसेन महिला पीजी कालेज के प्रबंधक विनोद अग्रवाल, राधा मोहन गोयल, महिला महाविद्यालय अंबारी की प्राचार्य डा. सविता भारद्वाज मौजूद थीं।
संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।