अस्पताल में ग्राउंड से लेकर तीसरी मंजिल तक फायर सिलिंडर लगे हुए हैं लेकिन सिलिंडर खराब (एक्सपायर) हो चुके हैं। ऐसे में यदि किसी प्रकार की आगजनी की घटना होती है तो कौन जिम्मेदार होगा। ऐसे में इस तरफ अब तक अस्पताल प्रशासन का कोई ध्यान नहीं गया है।
सिविल अस्पताल में सेंट्रल फायर सिस्टम भी नहीं है। ऐसे में यदि किसी एरिया में आगजनी की घटना होती है तो उसका पता लगने में भी समय लग जाता है। सिविल अस्पताल में कहीं भी फायर अलार्म भी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सेंट्रल फायर सिस्टम को लेकर मंजूरी भी मांगी हुई है, लेकिन अब तक कोई मंजूरी नहीं मिली है।
शव गृह में लगी थी आग, अब तक पता नहीं लगा
पिछले माह नवंबर में सिविल अस्पताल के शव गृह में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी। इसमें शव गृह का रिकार्ड, बिजली फीटिंग और बिल्डिंग को नुकसान हुआ था। उस समय भी मौके पर कोई फायर सिलिंडर नहीं था। अब तक कारणों का पता नहीं लग सका है। एडीसी और सिविल सर्जन की गठित कमेटी इसकी जांच कर रही है।
वर्जन
मैंने अभी कुछ दिन पहले ही ज्वाइन किया है। अस्पताल में लगे फायर सिलिंडर एक्सपायर की जानकारी नहीं है। सोमवार को इसके बारे में पता लगाया जाएगा।
डॉ. गुरजीत, एसएमओ, सिविल अस्पताल।
13jjrp07- सिविल अस्पताल में लगा एक्सपायरी डेट का फायर सिलिंडर। संवाद
13jjrp07- सिविल अस्पताल में लगा एक्सपायरी डेट का फायर सिलिंडर। संवाद