पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों में लंबे अरसे से जारी आर्थिक नाकेबंदी सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। नाकेबंदी खत्म करने के लिए नगा संगठनों, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी विफल रहने के बाद अब इसके और लंबा खिंचने के आसार हैं।
दूसरी ओर, इस बातचीत के विफल रहने के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि वह नाकेबंदी खत्म करने के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।बीते साल पहली नवंबर से जारी इस नाकेबंदी ने राज्य के आम लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
यहां जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत पैदा हो गई है और रसोई गैस का सिलेंडर दो हजार रुपये तक बिक रहा है। इस बीच, राज्य में सत्ता की दावेदार भाजपा ने इस बार नाकेबंदी को प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है।
राज्य में पार्टी के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभालने वाले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह नाकेबंदी मुख्यमंत्री इबोबी सिंह की, उनकी ओर से और उनके लिए है। उन्होंने अपने राजनीतिक फायदे के लिए नाकेबंदी को लंबा खिंचने दिया है। लेकिन भाजपा ऐसा नहीं होने देगी।