उत्तराखंड फुटबाल एसोसिएशन के चुनाव को लेकर पदाधिकारियों के दो गुटों के बीच गहमागहमी से टकराव उत्पन्न हो गया। एक गुट ने चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। तीन घंटे हंगामे के बाद अमनदीप सिंह संधू को निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। पूरी प्रक्रिया पुलिस के पहरे में हुई।
बता दें कि संधू स्वयं चुनाव में नहीं पहुंचे थे। चेयरमैन रेफरी कमेटी तनवीर अहमद ने उनका नाम प्रस्तावित किया जबकि चंपावत फुटबाल एसोसिएशन अध्यक्ष ने नाम का अनुमोदन किया। निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता के करीबी बताए जा रहे हैं। जबकि दूसरे गुट ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया।
रुद्रपुर में रविवार सुबह करीब 10 बजे से एक होटल में एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। एक गुट ने चुनाव को असंवैधानिक और कोरम के पूरा होने की बात कहकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। इस पर वहां पुलिस फोर्स तैनात करना पड़ा। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही एसोसिएशनों के दोनों गुट भिड़ गए।
चुनाव कक्ष में पहुंचे कोतवाल केसी भट्ट और एसएसआई जगदीश ढकरियाल ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया लेकिन गहमागहमी जारी रही। करीब एक बजे एक पक्ष ने चुनाव प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण और असंवैधानिक बताकर बहिष्कार कर दिया। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर सेवानिवृत्त जिला जज देवेंद्र नैनवाल और पर्यवेक्षक निर्वाण मुखर्जी की देखरेख में सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए।
अमनदीप संधू को प्रदेश अध्यक्ष, हरिशंकर शर्मा, प्रहलाद मेहता और मनीष पांडे को प्रदेश उपाध्यक्ष, देवेंद्र राणा को संयुक्त सचिव और नीरज पांडे को कोषाध्यक्ष चुना गया। अरुण रमोला को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। जबकि संयुक्त सचिव द्वितीय और छह अन्य कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव बाद में कार्यकारिणी करेगी। इस दौरान सहायक खेल निदेशक (कुमाऊं) अख्तर अली, अर्येंद्र शर्मा, अश्निी कुमार, ललित पांडे आदि थे।
नैनीताल के सचिव ने बीच में छोड़ी बैठक
रुद्रपुर। नैनीताल फुटबाल एसोसिएशन सचिव दिनेश बिष्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए और प्रक्रिया के दौरान बैठक से उठकर चले गए। आरोप लगाया कि स्वयंभू लोगों ने मतदाताओं की सूची से उनका नाम तक गायब कर दिया। उन्हें षड्यंत्र के तहत चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की गई। उन्होंने चुनाव को पूरी तरह से असंवैधानिक करार देते हुए इसका विरोध करने की चेतावनी दी।