रजबहे में ट्रैक्टर पलटने से पिता-पुत्र समेत तीन की मौत
बेहट(सहारनपुर)। खेत की जुताई कर बेटों के साथ लौटते समय ट्रैक्टर रजबहे में पलट गया। ट्रैक्टर के नीचे दबने से पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची एवं शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
कोतवाली बेहट क्षेत्र के गांव भोजेवाला निवासी कमलदीप उर्फ डब्लू (35 वर्ष) पुत्र भूपचंद सुबह पांच बजे घर से ट्रैक्टर लेकर गांव के ही मामचंद (60 वर्ष) के खेत की जुताई करने के लिए बादलपुर गांव के पास गया था। रविवार को अवकाश होने के कारण कमलदीप के बच्चे शौर्य (10 वर्ष) एवं कार्तिक (5 वर्ष) भी कमलदीप के साथ जिद करके ट्रैक्टर पर बैठकर चले गए। खेत की जुताई करने के बाद जब कमलदीप अपने दोनों बच्चों एवं मामचंद के साथ वापस गांव आ रहा था, तो रजबहे की पटरी वाले रास्ते पर बादलपुर गांव के घूम पर अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर रजबहे में गिरने के बाद पलट गया। कमलदीप, शौर्य व मामचंद ट्रैक्टर के नीचे दब गए, जबकि कार्तिक स्टेयरिंग व गियर लीवर के बीच फंस गया। रजबहे में पानी होने के कारण कमलदीप, शौर्या और मामचंद की ट्रैक्टर के नीचे पानी में डूबे रहने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि स्टेयरिंग एवं गीयर लीवर के बीच पानी से ऊपर फंसे कार्तिक को मामूली चोट आई। ट्रैक्टर के रजबहे में गिरते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और कार्तिक को बाहर निकाल कर हादसे की जानकारी गांव में दी। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर को सीधा करने के बाद तीनों को मृत हालत में बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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-- गांव में छाया मातम
रविवार सुबह हुए हादसे के बाद भोजेवाला गांव में मातम के साथ ही सन्नाटा पसरा हुआ है। एक साथ तीन लोगों की मौत ने पूरे गांव को गहरा सदमा दिया है। जैसे ही गांव में हादसे की खबर पहुंची, तो पूरा गांव घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। भूपचंद के परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। भूपचंद के बेटे कमलदीप, पोते शौर्य और मामचंद के शव को पुलिस पोस्टमार्टम के लिए लेकर चली गई, तो ग्रामीणों की भीड़ पुलिस के पीछे मोर्चरी पर पहुंच गई। वहीं मृतक कमलदीप के घर पर कोहराम मचा हुआ था।
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-- भूपचंद की आंखों के सामने हो गई तीसरे बेटे की भी मौत
भूपचंद के चार बेटों में से तीन बेटों की एक-एक कर मौत हो गई। कमलदीप के दो भाइयों की लगभग पांच साल पहले मौत हो गई थी। कमलदीप ट्रैक्टर से किसानों के खेतों को जोत करके परिवार का पालन-पोषण करता था। वह परिवार में सबसे छोटा था। कमलदीप की मौत के बाद इस पूरे परिवार में सिर्फ अब उसका बड़ा भाई रह गया है। अपनी आंखों के सामने अपने तीन बेटों के दुनिया छोड़कर चले जाने से उनके पिता भूपचंद और मां कृष्णा देवी को तोड़ दिया है। रविवार को बेटे और पौत्र की मौत की खबर मिलने पर दोनों को गहरा सदमा पहुंचा है।
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-- पिता के साथ जाने की जिद कर बैठा मासूम शौर्य
रविवार को छुट्टी होने के कारण शौर्य और कार्तिक स्कूल नहीं गए थे। जिस कारण अपने पिता के साथ ट्रैक्टर पर बैठकर जाने की जिद कर बैठे। कमलदीप ने दोनों बच्चों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। दोनों सुबह पांच बजे ही पिता के साथ ट्रैक्टर पर बैठकर चले गए। इस हादसे में कमलदीप का बड़ा बेटा शौर्य हादसे का शिकार हो गया। छोटे बेटा कार्तिक लीवर और स्टेयरिंग के बीच फंसा होने के कारण पानी में नहीं डूबा जिस कारण उसकी जान बच गई।