हेल्थ डायरेक्टर (डीएचएस) के पद पर नियुक्ति के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को आठ महीने बाद पंजाब के सीएम की बात माननी ही पड़ी। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चंडीगढ़ को जो पेनल भेजा गया था, उनमें डॉ. एसके भल्ला का भी नाम शामिल था। पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने इसी पेनल को रद्द कर दिया था।
डॉ. चंद्रमोहन के 31 अगस्त, 2012 को रिटायर हो जाने के बाद से यह पद खाली था। जीएमएसएच-16 के स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. राजीव वडेरा को इस पद पर अस्थाई तौर पर नियुक्ति दी गई थी।
पंजाब के सीएम ने इसका विरोध किया था। डॉ. वडेरा हरियाणा के अधिकारी हैं। पंजाब के सीएम चाहते थे कि हेल्थ डायरेक्टर के पद पर पंजाब के अधिकारी की नियुक्ति हो।
बादल ने आठ महीने पहले लिखे पत्र में बताया था कि अगर इस पद पर स्थायी नियुक्ति में समय लगता है तो पंजाब के ही किसी डॉक्टर को कार्यवाहक के तौर पर नियुक्त किया जाए।
पंजाब सरकार की ओर से अप्रैल, 2012 में डीएचएस पद के लिए भेजे गए पेनल को चंडीगढ़ प्रशासन ने रद्द कर दिया था। डीएचएस का पद हमेशा से पंजाब के डिप्टी या एडिशनल डायरेक्टर स्तर के अधिकारी से भरा जाता है।
इसी तरह जीएमएसएस-16 के एमएस का पद हरियाणा के डिप्टी या एडिशनल स्तर के डॉक्टर से भरा जाता है।