अदालत की ओर से घोषित इश्तेहारी मुजरिम की गिरफ्तारी के लिए पटियाला सीआईए स्टाफ की टीम द्वारा स्थानीय एक घर में छापामारी की गई।
लेकिन घर में मौजूद लोगों व महिलाओं से र्दुव्यवहार करने से लोग भडक उठे और उन्होंने पुलिस टीम का घर के भीतर ही घेराव करके विरोध शुरू कर दिया।
बताया जाता है कि पटियाला पुलिस टीम द्वारा स्थानीय पुलिस को बगैर सूचित किए और बगैर विश्वास में लिए ही कारवाई को अंजाम दिया जा रहा था। पटियाला पुलिस टीम की इस कारवाई से घनी आबादी वाले इस रिहायशी इलाके के लोग सहम गए।
सिटी पुलिस ने एएसआई समेत तीन अन्य पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ मामला दर्ज करके कारवाई शुरू कर दी है। दूसरी तरफ कई राजनेताओं ने मौके पर पहुंचकर खूब सियासी रोटियां सेंकी।
इश्तेहारी मुजरिम को पकडने पहुंची थी पटियाला पुलिस
पुलिस का घेराव
- फोटो : अमर उजाला
सुबह करीब 6 बजे पटियाला त्रिपडी की चार सदस्यीय टीम (जिसका नेतृत्व एक एएसआई कर रहा था) ने यहां के राम नगर में स्थित एक घर में छापामारी की। पुलिस को शक था कि धोखाधडी के मामले का एक आरोपी (जिसे अदालत ने भगौडा करार दिया है और 29 नवंबर तक अदालत में पेश करने के आदेश जारी हुए हैं) इस घर में छुपा है।
लेकिन पुलिस द्वारा घर के बाथरूम, बैड व अलमारियों की चैकिंग करने तथा महिलाओं तक को धमकाने से मामले ने तूल पकड लिया। चंद मिनटों में मौहल्ला निवासी इकट्ठा हो गए और उन्होंने पुलिस टीम का घेराव कर लिया।
घर के मालिक रजनीश कांसल ने कहा कि छापामारी की आड में पुलिस टीम ने परिवारिक सदस्यों न केवल धमकाया बल्कि उन्हें अपमानित भी किया। महिलाओं के सम्मान को भी चोट पहुंचाई है।
डीएसपी जशनदीप सिंह गिल ने कहा कि पुलिस टीम ने किसी से र्दुव्यवाहर नहीं किया है लेकिन पुलिस टीम ने कुछ नियमों व कायदे की पालना नहीं की और एएसआई कुलदीप सिंह, हवलदार सतनाम सिंह, कांसटेबल विक्रम सिंह व भाग सिंह के खिलाफ धारा 166 ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है।